हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बात रखते सीएम सुखविंन्द्र सिंह सुक्खू।
राज्य ब्यूरो, जागरण l शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र आरडीजी पर गहमागहमी के बीच स्थगित हो गया। विपक्ष की नारेबाजी के बीच संकल्प पारित हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ने 18 मार्च तक के लिए विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। 18 मार्च को सुबह 11 बजे बजट सत्र अंतराल के बाद शुरू होगा।
शाम को सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब गहमागहमी हुई। दोनों पक्ष के सदस्य वेल में आ गए।
विधायक निधि पर हंगामा
इससे पूर्व विधायक क्षेत्र विकास निधि की किस्त जारी न होने का मामला विधानसभा में गरमाया। भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद सदन में हंगामा मच गया। भाजपा विधायक अपनी सीटों पर खड़े होकर सरकार पर आरोप लगाने लगे कि वह विधायक क्षेत्र विकास निधि के मामले में जनता को गुमराह कर रही है। राणा ने कहा कि सरकार ने इस निधि को बंद करके विधायकों को शून्य कर दिया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधायक के पास कुछ नहीं है, तो क्या उन्हें इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए। राणा ने यह भी पूछा कि जब बजट में विधायक निधि का प्रविधान है, तो इसे जारी क्यों नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि के एक करोड़ 10 लाख रुपये के जो टोकन फंसे हुए हैं, उन्हें जल्द जारी किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार विधायक ऐच्छिक निधि जारी करने पर विचार कर रही है और भविष्य में इस निधि के जारी करने के स्वरूप पर नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ विधायकों के साथ बैठक की जाएगी।
राणा ने महिला मंडलों को बांटी क्षेत्र विकास निधि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश राणा ने विधायक क्षेत्र विकास निधि विकास कार्यों के बजाय खरीददारी पर खर्च की है। अधिकांश राशि 543 महिला मंडलों को बांट दी। जबकि कुल राशि की 10 प्रतिशत से ज्यादा राशि को महिला मंडलों को जारी नहीं किया जा सकता। उन्होंने सलाह दी कि विधायक अपनी विधायक निधि को पूंजीगत कार्यों पर भी खर्च करे ताकि प्रदेश की एसजीडीपी में भी वृद्धि हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि डंगों के निर्माण, एफआरए, पानी की पाइपों जैसे कार्यों पर भी इस राशि को खर्च करें। उन्होंने कहा कि विधायक समृद्ध हैं और दान करते रहते हैं। निधि का दस फीसदी वह ऐसे कार्यों पर खर्च करे।
कुदरत का नियम, समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता
प्रकाश राणा ने अनुपूरक प्रश्न में कहा कि मुख्यमंत्री महिला मंडलों को पैसे बांटने का दावा कर रहे हैं, जबकि वे स्वयं 600 महिला मंडलों को 20-20 हजार रुपये की घोषणा कर दो करोड़ रुपये बांट देते हैं। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 1.10 लाख वोटर हैं और महिला मंडलों की संख्या भी काफी अधिक है। राणा ने तल्खी से कहा कि कुदरत का नियम है, समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि की राशि विधानसभा द्वारा पारित बजट में शामिल है। उन्होंने सरकार से इस राशि को तुरंत जारी करने की मांग की और कहा कि विधायक इस निधि का उपयोग अपने क्षेत्र के विकास के लिए कर रहे हैं, न कि व्यक्तिगत लाभ के लिए।
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