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फाजिल्का में प्रदर्शन करते हुए अकाली वर्कर।
जागरण संवाददाता, फाजिल्का। शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिला प्रधान नरदेव सिंह नोनी मान के नेतृत्व में डीसी कार्यालय फाजिल्का के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी की नेता आतिश द्वारा गुरुओं के खिलाफ कथित टिप्पणी के आरोपों के मद्देनज़र किया गया।
अकाली दल नेताओं ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है, और बयान की सत्यता को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन सिख समाज की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। इस दौरान हरजिंदर सिंह हैरी अबोहर, हलका इंचार्ज बल्लुआना गुरतेज सिंह घुड़ियाना, राज सिंह डिब्बीपुरा, अमरीक सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली सरकार से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और यदि टिप्पणी सिद्ध होती है तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
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गुरुओं की मर्यादा सर्वोच्च
हलका इंचार्ज सम्पूर्ण सिंह घोगा और गुरजंट सिंह बब्बी खोसा ने कहा कि गुरु साहिबान की मर्यादा सर्वोच्च है, और इस संबंध में किसी भी तरह की अपमानजनक भाषा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि वीडियो या बयान असल रूप में मौजूद हैं, तो सरकार को तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति न रहे।
वहीं कुलदीप कुमार दीप कंबोज और सतिंदरजीत सिंह मंटा ने भी दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए ताकि सिख समुदाय की चिंता दूर हो सके।
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रिकॉर्डिंग से जुड़े सबूत सार्वजनिक करने की मांग
नेताओं ने जालंधर में दर्ज एफआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा की रिकॉर्डिंग से जुड़े पुख्ता सबूत क्या पुलिस के पास उपलब्ध हैं, सरकार को इन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। जिला प्रधान बॉबी मान ने कहा कि समाज की आस्था से जुड़े मामलों में राजनीति नहीं, बल्कि सच्चाई और सम्मान होना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान अकाली दल कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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