जमुई के झाझा का सरकारी विद्यालय।
संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेल्फी और समय आधारित मोबाइल ऐप के माध्यम से हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। लेकिन इस कड़ी निगरानी के बावजूद झाझा प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षकों ने जुगाड़ बना रखा है।
पंचायत सदस्य ने किया निरीक्षण
मामला तब सामने आया जब पंचायत समिति सदस्य चिंता देवी और उनके प्रतिनिधि चेतु यादव दोपहर लगभग तीन बजे विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में ताला लगा हुआ मिला। न तो प्रधानाध्यापक मौजूद थे और न ही अन्य शिक्षक।
प्रतिनियुक्ति पर उठे सवाल
जब शिक्षकों की जानकारी मांगी गई तो पता चला कि विद्यालय के एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति सिकंदरा प्रखंड में कर दी गई है। पंचायत समिति सदस्य और ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में शिक्षा-व्यवस्था धरातल पर नहीं दिखाई देती। सेल्फी आधारित ऐप पर हाजिरी तो दर्ज होती है, लेकिन शिक्षक कब आते और कब जाते हैं, इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं मिलती।
नियम से हटकर हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने नियम से हटकर एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति सिकंदरा में कर दी, जबकि अन्य सभी शिक्षकों पर नियम लागू होते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से इस प्रतिनियुक्ति को जल्द रद्द करने और विद्यालय में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित कराने की मांग की।
शिक्षक और अधिकारियों का पक्ष
इस संबंध में प्रधान शिक्षक आर्यन कुमार ने कहा कि तबियत ठीक न होने के कारण वे चार बजे से पहले विद्यालय से चले गए थे। उन्होंने पुष्टि की कि एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति सिकंदरा में है। वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महेंद्र कुमार ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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