तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण(जीडीए) ने बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग चार एकड़ भूमि को मुक्त कराया। प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी प्रखर उत्तम के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई चिलुआताल थाना क्षेत्र स्थित महेसरा मछली मंडी के पास और चिउटहा इलाके में की।
जंगल बेनीमाधव महेसरा मछली मंडी के निकट विनोद कुमार राणा द्वारा लगभग तीन एकड़ भूमि में डेढ़ से दो फीट की चहारदीवारी बनाकर अलग-अलग प्लाटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण के मुताबिक बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए ही प्लाटिंग कर अवैध कालोनी बसाई जा रही थी।
टीम ने बुलडोजर की मदद से चहारदीवारी सहित मौके पर हुए सभी प्रकार के निर्माण को ध्वस्त कर दिया। वहीं चिउटहा में दया साहनी द्वारा करीब एक एकड़ भूमि में इसी तरह अनधिकृत प्लाटिंग कर कालोनी विकसित की जा रही थी।
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टीम ने इसे भी ध्वस्त कर दिया। सहायक अभियंता राज बहादुर सिंह ने बताया कि कुल चार एकड़ भूमि को अवैध कब्जे और अनधिकृत प्लाटिंग से मुक्त कराया गया है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता राज बहादुर सिंह, अवर अभियंता प्रभात कुमार, धर्मेन्द्र गौड़, प्रवर्तन स्टाफ के अलावा जिला प्रशासन से नामित मजिस्ट्रेट और क्षेत्रीय पुलिस बल मौजूद रहा।  |