सीबीआइ की रडार पर सिर्फ चालान बेचने वाले। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, साहिबगंज। अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआइ की टीम ने तीसरे दिन भी यहां जांच पड़ताल की। गुरुवार को कुछ लोगों से पूछताछ भी की थी। हालांकि, अब तक का मुख्य फोकस कागजात की जांच पड़ताल पर है। सीबीआइ पत्थर उत्पादन व डिस्पैच का आंकड़ा मिला रही है। किस पत्थर खदान में कितना उत्पादन हुआ और कितना डिस्पैच हुआ इसका मिलान कर रही है।
सूत्रों की मानें तो कई पत्थर कारोबारियों ने पत्थर खदान का लीज तो करा लिया लेकिन लीज के नाम पर आसपास की खदानों में अवैध रूप से पत्थर खनन कर उसे वैध चालान पर बेच दिया। बताया जा रहा है कि इस विधि से भी कई पत्थर कारोबारी करोड़पति बन गए। अब सीबीआइ उनकी पत्थर खदानों की मापी करा सकती है। उधर, नींबू पहाड़ पर अवैध खनन के आरोप में पूर्व में भी कई लोगों पर मामला दर्ज कराया गया। कुछ लोगों को जेल भी भेजा गया था। ऐसे में सीबीआइ उन लोगों से पूछताछ कर सकती है।
रात में भी जांच पड़ताल कर रही सीबीआइ
बुधवार से सीबीआइ लगातार जांच पड़ताल में जुटी है। पहले दिन समदा में ईडी द्वारा जब्त किए गए जहाज का जायजा लिया तथा नींबू पहाड़ का निरीक्षण किया तो दूसरे दिन खनन कार्यालय में पहुंचकर जांच पड़ताल की। कुछ लोगों से पूछताछ भी की। इस बीच रात में भी निकलकर सीबीआइ अधिकारी जांच पड़ताल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि सीबीआइ अधिकारियों ने रात में मिर्जाचौकी, कोटालपोखर जैसे इलाकों का जायजा सीबीआइ की टीम ने लिया। हालांकि, इस बारे में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
वर्ष 2022 के लीज पेपर का किया अवलोकन
सीबीआइ अधिकारियों ने शुक्रवार को सकरीगली के गदवा पहाड़ पर स्थित संजय यादव की खदान में पहुंचकर जांच पड़ताल की। जिला खनन पदाधिकारी केके किस्कू भी उनके साथ थे। टीम ने संजय यादव की मौजूदगी में पत्थर खदान का जायजा लेते हुए उनसे कई बातों की पूछताछ की। संजय यादव ने बताया कि वर्ष 2022 में पत्थर खदान की लीज कैंसिल कर दी गई थी। लीज से संबंधित कागजात भी सीबीआइ टीम ने देखा।
बताया जा रहा है कि सीबीआइ की टीम राजेश यादव उर्फ दाहू यादव के घर भी गई थी लेकिन घर में किसी के नहीं रहने के कारण सीबीआइ किसी से पूछताछ नहीं कर पाई। बताया जा रहा है कि कुछ बड़े पत्थर व्यवसायियों के साथ-साथ सदर एसडीओ अमर जान आइंद को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। सीबीआइ की पांच सदस्य टीम अलग-अलग टुकड़ियों में जांच पड़ताल कर रही है।
एक टीम खनन पदाधिकारी के साथ खदानों की जांच पड़ताल के लिए निकल रही है तो दूसरी टीम सर्किट हाउस में ही पूछताछ के लिए बुलाए गए लोगों से पूछताछ भी कर रही है। सीबीआइ की टीम देर शाम तक खनन कार्यालय में पहुंचकर दस्तावेज की जांच पड़ताल की। खबर लिखे जाने तक सीबीआइ की एक टीम खनन कार्यालय में ही मौजूद थी।
मालूम हो कि सीबीआइ की पांच सदस्यीय टीम डीएसपी कुलदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में मंगलवार की देर शाम मंडरो अंचल के सिमरिया मौजा (नींबूपहाड़) में हुए 1250 करोड़ के अवैध उत्खनन मामले की जांच करने के लिए यहां पहुंची। |
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