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कानपुर के लिए बड़ी खुशखबरी! गोल चौराहे से रामादेवी तक 988.30 करोड़ का एलीवेटेड रोड स्वीकृति, नितिन गडकरी ने दी जानकारी

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जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर शहर की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत देने वाली गोल चौराहे से रामादेवी चौराहे तक एलीवेटेड रोड परियोजना को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई। मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने एक्स अकाउंट के माध्यम से एलीवेटेड रोड निर्माण के लिए 988.30 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत करने की जानकारी दी।

निर्माण को लेकर बीते 20 दिसंबर को सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी एनएच के अभियंताओं ने एलीवेटेड रोड निर्माण के लिए वन एवं पर्यावरण के साथ ही रेल मंत्रालय की एनओसी लेने के लिए आवेदन कर दिया था। रेल मंत्रालय की एनओसी के लिए पांच लाख रुपये का शुल्क जमा किया गया है, वहीं वन विभाग से एस्टीमेट भी मांगा गया है।

एलीवेटेड रोड परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को स्वीकृति के लिए बीते एक साल से प्रक्रिया चल रही थी। पीडब्ल्यूडी एनएच के लखनऊ मुख्यालय से दो माह पहले फाइल दिल्ली स्थित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यालय में भेजी गई थी। मंत्रालय में डिजाइन और तकनीकी बिंदुओं की प्राथमिक जांच के बाद 20 दिसंबर 2025 को सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

वहीं मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 988.30 करोड़ रुपये बजट को स्वीकृति प्रदान कर दी। एलीवेटेड रोड निर्माण के लिए नौ सितंबर 2025 को सड़क परिवहन मंत्रालय की टीम ने रामादेवी से आईआईटी तक निरीक्षण किया था। टीम ने उस समय जमीन अधिग्रहण से बचते हुए डीपीआर में सुधार के निर्देश दिए थे। जिसके बाद से पीडब्ल्यूडी एनएच के इंजीनियर एलीवेटेड रोड निर्माण के लिए स्वीकृति का इंतजार कर रहे थे। अभियंताओं का कहना है कि एलीवेटेड रोड निर्माण में लगभग तीन वर्ष का समय लगेगा।  
10.2 किलोमीटर लंबी होगी एलीवेटेड रोड

गोल चौराहे से रामादेवी तक बनने वाली एलीवेटेड रोड की लंबाई 10.2 किलोमीटर की होगी। एलीवेटेड रोड बनने से झकरकटी बस अड्डा, जरीब चौकी और सीओडी क्रासिंग जैसे इलाकों में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होगा, इन तीनों स्थानों में एलीवेटेड से चढ़ने-उतरने के लिए रैंप बनाए जाएंगे।
20 बार बदला एलीवेटेड रोड का डिजाइन

जनवरी 2024 में एलीवेटेड रोड की डीपीआर बनाने का काम शुरू हुआ था। हेक्सा कंपनी को नवंबर 2024 तक डीपीआर सौंपनी थी, लेकिन विभागीय इंजीनियरों और कंपनी के बीच बार-बार हुए संशोधनों के कारण यह काम तय समय से करीब 15 माह पीछे चला गया। डीपीआर में लगभग 20 बार बदलाव किए गए, तब जाकर इसे स्वीकृति के लिए भेजा जा सका। सबसे ज्यादा संशोधन अलाइमेंट, रैंप डिजाइन को लेकर हुए। झकरकटी बस अड्डे, जरीब चौकी और सीओडी क्रासिंग पर प्रस्तावित रैंपों की ऊंचाई, मोड़ और सुरक्षा मानकों को लेकर बार-बार आपत्तियां उठीं। इसके साथ ही जरीब चौकी पर पहले एलीवेटेड रोड को सेतु निगम के ओवरब्रिज से छह मीटर ऊपर ले जाने का प्रस्ताव था, लेकिन इसे जोखिमपूर्ण और महंगा मानते हुए डिजाइन बदला गया और अब एलीवेटेड रोड को सीधे ओवरब्रिज से जोड़ने का विकल्प अपनाया गया है।



शहर की वर्षों पुरानी जाम की समस्या के समाधान की दिशा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि है। जीटी रोड पर गोल चौराहे से रामादेवी तक एलिवेटेड कारिडोर के लिए 998.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलना शहर के लिए गेमचेंजर साबित होगा। इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा, यात्रियों का समय बचेगा और आवागमन सुरक्षित व सुगम बनेगा। उद्योग, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को भी सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का विशेष आभार व्यक्त करता हूं। कानपुर के समग्र विकास और बेहतर आधारभूत ढांचे के लिए मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
- रमेश अवस्थी, सांसद।

एलीवेटेड रोड निर्माण के लिए डीपीआर स्वीकृति की सूचना मिली है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले वन एवं पर्यावरण के साथ ही रेल मंत्रालय की एनओसी लेने की प्रक्रिया को फाइनल किया जा रहा है। मंत्रालय स्तर से अब टेंडर प्रक्रिया फाइनल होने के साथ आगामी तीन माह में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
- अरूण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच।
  
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