search

हिमाचल प्रदेश में 100 से कम छात्रों वाले 21 कॉलेज होंगे मर्ज, 39 स्कूल बंद; विद्यार्थियों को यात्रा भत्ता देने का फैसला

deltin33 4 hour(s) ago views 389
  

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर।



राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। 100 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले कालेजों का विलय किया जाएगा। इसके साथ जो कॉलेज होंगे उसके साथ इनका विलय होगा। 39 स्कूल जिनमें छात्रों का पंजीकरण शून्य है, उन्हें बंद कर स्टाफ को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जबकि कालेजों के विलय का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में वीरवार को राज्य सचिवालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बीते रोज ही विभाग ने 39 छात्र और छात्रा विद्यालयों का विलय कर सह-शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया था। अब कालेजों में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है ताकि बुनियादी ढांचे और शिक्षण स्टाफ का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।  
स्कूल विद्यार्थियों को परिवहन भत्ता दिया जाएगा

सरकार ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत दो किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाले विद्यार्थियों को परिवहन भत्ता दिया उपलब्ध करवाया जाएगा।  
विलय का प्रारूप तैयार करें

शिक्षा मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैर-सीबीएसई विद्यालयों के विलय के लिए प्रारूप तैयार करें। मार्च महीने में कुछ और स्कूलों का विलय किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से व्यावसायिक पाठयक्रमों, शिक्षकों की भर्ती या वर्तमान कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के परिणामस्वरूप किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।  
शिक्षक भर्ती के लिए 23 साल की न्यूनतम आयु सीमा हटाई

सीबीएसई से संबंद्ध सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 23 वर्ष को समाप्त कर दी है। कई बच्चों की डिग्री इससे पहले पूरी हो चुकी है, और वह शिक्षक भर्ती के लिए पात्र हो जाते हैं। विभाग ने जो गणित व अंग्रेजी विषय के पद विज्ञापित किए हैं इसके लिए वह अपात्र हो रहे थे। सरकार के समक्ष यह मामला उठाया था। जिसके बाद सरकार ने यह राहत दी है।
21 कालेजों में 100 से कम विद्यार्थी

शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रदेश में पांच कॉलेज ऐसे हैं जिनमें 40 से कम विद्यार्थी हैं, जबकि 16 कॉलेजों में 100 से कम विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।  
40 से कम विद्यार्थियों वाले कॉलेज

  • राजकीय महाविद्यालय टिक्कर, शिमला 6 विद्यार्थी
  • राजकीय महाविद्यालय भलेई, चंबा 19 विद्यार्थी
  • चंद्रधर गुलेरी राजकीय महाविद्यालय हरिपुर, कांगड़ा 32 विद्यार्थी
  • आर्यभट्ट राजकीय महाविद्यालय, संधोल 38 विद्यार्थी
  • राजकीय महाविद्यालय कुकमसेरी 40 विद्यार्थी

100 से कम विद्यार्थियों वाले प्रमुख कॉलेज

राजकीय महाविद्यालय कुपवी (शिमला), मुल्थान (कांगड़ा), ननखड़ी (शिमला), जयनगर (सोलन), कोटली (मंडी), थाची (मंडी), भराली (सिरमौर), रामशहर (सोलन), कुमारसैन (शिमला), चिंतपूर्णी (ऊना), श्री नैना देवी जी, रक्कड़ (कांगड़ा), चौकी मनियार (ऊना), सेनाहट (सिरमौर) सहित अन्य संस्थान शामिल हैं।
2023 में 19 कालेज किए थे डिनोटिफाई

मार्च 2023 में सरकार ने भाजपा सरकार के समय पहली अप्रैल 2022 के बाद खुले 17 डिग्री और दो संस्कृत कालेजों को भी बंद कर दिया था। 2022 में खोले गए 24 में से 19 कालेजों को डिनोटिफाई किया गया था।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में 26 साल बाद फिर शुरू होगी लॉटरी, संचालन नियम तय करने को बनाई कमेटी; ये 2 राज्य कर रहे रिकॉर्ड कमाई
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
473684