मंदिर के महंत की गद्दी की लेकर हुआ विवाद।
संवाद सूत्र, महुली। मुखलिसपुर स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा में महंत की गद्दी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। मंदिर में तालाबंदी की सूचना पर पहुंची पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम ने मंदिर का ताला खुलवाकर आमजन के लिए पूजा-अर्चना की व्यवस्था बहाल कराई।
अयोध्या धाम से संचालित यह प्राचीन ठाकुरद्वारा लंबे समय से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा है। मंदिर के महंत कमलदास का 27 जनवरी को निधन हो जाने के बाद से महंत का पद रिक्त चल रहा है, जिसके चलते गद्दी को लेकर विवाद शुरू हो गया।
साध्वी के मंदिर में तालाबंद करने को लेकर आक्रोशित ग्रामीण शनिवार को एसडीएम धनघटा डॉ. सुनील कुमार से मिले। इसकी जानकारी देते हुए मंदिर का ताला खुलवाने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने तहसीलदार धनघटा रामजी और थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पांडेय को मौके पर भेजा।
अधिकारियों ने मंदिर का ताला खुलवाकर साध्वी को मंदिर आमजन के लिए खुला रखने का निर्देश दिया। उधर साध्वी का कहना है कि वह पिछले 15 वर्षों से दिवंगत महंत की सेवा कर रही थी और वह ही उनकी वास्तविक शिष्या है।
प्रशासन ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद स्पष्ट किया कि महंत की नियुक्ति का अधिकार मंदिर के मुख्य ट्रस्ट को है। जब तक अंतिम निर्णय नहीं होता, तब तक किसी भी पक्ष को एकाधिकार नहीं मिलेगा और मंदिर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।
इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनोज कुमार अग्रहरि, क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिपुरारी त्रिपाठी, अरुणेश द्विवेदी, कल्याण सिंह यादव, विंदेश्वरी दुबे, मुक्ति नाथ दूबे, नरसिंह यादव, इंद्रमणि यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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