सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब निर्माण फैक्ट्री जागरण
जागरण संवाददाता, बरेली। सीबीगंज औद्योगिक क्षेत्र स्थित सुपीरियर शराब फैक्ट्री में 96 घंटे तक चली आयकर विभाग की छापेमारी कार्रवाई के बाद टीम शनिवार को वापस लौट गई। दिल्ली से आई आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार 17 फरवरी की शाम करीब 6:30 बजे फैक्ट्री परिसर में एक साथ कई स्थानों पर जांच शुरू की थी।
कार्रवाई लगातार पांचवें दिन तक चली, जिसके दौरान फैक्ट्री प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान कार्यालय में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे और जांच पूरी होने तक उन्हें टीम के साथ रखा।
टीम ने मौके से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डायरी, रजिस्टर, खरीद-बिक्री से जुड़े बिल, लैपटाप, सर्वर और अन्य डिजिटल उपकरण कब्जे में लिए हैं। जब्त किए गए डिजिटल डाटा, ई-मेल आईडी और सर्वर की जांच कराई जा रही है, ताकि वास्तविक लेनदेन और आय का मिलान किया जा सके।
आयकर विभाग को आशंका है कि कंपनी में खरीद और बिक्री के आंकड़ों में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये के आयकर लेनदेन में हेराफेरी की गई है। जांच के दायरे में वे फर्म और कंपनियां भी आ गई हैं, जिनके माध्यम से शराब की सप्लाई व कच्चे माल की आपूर्ति की जा रही थी।
विभाग यह भी खंगाल रहा है कि कहीं अघोषित आय या बेनामी संपत्तियों का नेटवर्क तो संचालित नहीं किया जा रहा था। जब्त दस्तावेजों के आधार पर बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जाएगी। यह कार्रवाई सुपीरियर ग्रुप से जुड़ी इकाई पर की गई है, जो प्रदेश के अल्कोहल और बेवरेज सेक्टर का प्रमुख नाम माना जाता है।
समूह का संचालन प्रदीप अग्रवाल की ओर से किया जा रहा है। टीम के लौटने के बाद फैक्ट्री में कामकाज ठप स्थिति में बताया जा रहा है। जिले के व्यापारी व औद्योगिक संगठन घटनाक्रम पर नजर बनाए हैं, फिलहाल कोई भी खुलकर प्रतिक्रिया देने को तैयार नहीं है। आयकर विभाग की आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी।
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