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मुजफ्फरनगर में भाभी की हत्या के दोषी देवर को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, देवरानी दोषमुक्त

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प्रतीकात्मक तस्वीर



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। भाभी की हत्या और लूट के मामले में न्यायालय ने दोषी देवर को आजीवन कारावास समेत 31 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि उसकी पत्नी (महिला की देवरानी) को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

आरोपित ने 14 वर्ष पूर्व रंजिशन वारदात को अंजाम देकर बदमाशों द्वारा हत्या करना बताया था। आरोपित स्वयं मुकदमे का वादी बना था।

जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी के मुताबिक शामली जनपद के थाना आदर्श मंडी के गांव कसेरवा निवासी प्रमोद कुमार पुत्र ओम सिंह ने दर्ज कराए मुकदमे में बताया था कि 31 जनवरी 2012 को उसकी पत्नी कुन्तेश व भाभी मुकेश देवी प्रात: काल लगभग 4:30 बजे अपने घर से भैंस का दूध निकालने के लिए घेर में जा रही थी, जब घेर के निकट पहुंची तो पीछे से तीन बदमाशों ने हमला कर उसकी पत्नी व भाभी के सिर में भारी वस्तु से प्रहार कर दिया।

उसकी पत्नी के कानों से कुंडल लूटे गए थे। पुलिस ने हत्याकांड का राजफाश कर वादी मुकदमा प्रमोद कुमार को आरोपित किया था। एडीजीसी आशीष त्यागी ने बताया कि पुलिस ने मामले में प्रमोद कुमार तथा उसकी पत्नी कुन्तेश उर्फ कुन्ता के विरुद्ध पृथक-पृथक रूप से धारा 302, 201, 120बी में आरोप-पत्र दाखिल किए थे।

जिन पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 06 जुलाई 2012 एवं 20 दिसंबर 2013 को संज्ञान लिया। लगभग 14 वर्ष तक मुकदमे की सुनवाई न्यायालय में हुई। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-प्रथम के पीठासीन अधिकारी विष्णु चंद्र वैश्य के न्यायालय ने सुनवाई के बाद भाभी के हत्या के दोषी प्रमोद कुमार को आजीवन कारावास समेत 31 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उसकी पत्नी कुंतेश उर्फ कुंता को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया।

परिवार की सबसे बड़ी बहू थी मुकेश

एडीजीसी के अनुसार महिला मुकेश परिवार की सबसे बड़ी बहू थी। जिसकी परिवार में पूछ होती थी। इसी बात से प्रमोद व उसकी पत्नी कुंतेश उर्फ कुंता रंजिश रखते थे। उसके विकास और कपिल दो बेटे थे। विकास बीमार रहता था, जिसके इलाज कराने को लेकर क्लेश रहता था।

रंजिश के चलते आरोपित प्रमोद कुमार ने पशुओं का चारा काटने वाली मशीन के हत्थे से प्रहार कर भाभी मुकेश की हत्या की थी। हत्या में प्रयुक्त हत्थे को तालाब में फेंक दिया था। आरोपित की आयु लगभग 60 वर्ष है।

साजिश के नहीं मिले साक्ष्य

हत्याकांड में प्रमोद की पत्नी कुंतेश को हत्या की साजिश रचने का आरोपित बनाया गया। न्यायालय में यह तथ्य साबित नहीं हो सका। न्यायालय ने माना कि पुलिस की विवेचना में प्रत्यक्ष रूप से कुन्तेश उर्फ कुन्ता के संबंध में ऐसा साक्ष्य नहीं है, जिससे उसे सह अपराधी माना जाए।

यह प्रकट नहीं होता है कि कुन्तेश द्वारा आरोपित प्रमोद के साथ मिलकर मुकेश की हत्या करने में कोई भूमिका रही है। इसके चलते उसे संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त किया गया।

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