लंच ब्रेक मांगने पर नौकरी से बाहर किया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नौकरी के दौरान लगातार काम और लंच ब्रेक को लेकर अक्सर बातें की जाती हैं। खासकर मजदूर वर्ग की नौकरियों में इस तरह की परेशानियां देखी जाती हैं। इसी तरह का एक मामला सामना है, जिसमें कथित तौर पर एक इलेक्ट्रिशियन को लंच ब्रेक मांगने पर नौकरी से निकाल दिया गया।
एक वर्कर ने Reddit पर “लंच ब्रेक लेने की मांग करने पर नौकरी से निकाल दिया गया” टाइटल वाली पोस्ट में अपने अनुभव के बारे में बताया। उसने कहा कि हाल ही में उसे नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि लंबी शिफ्ट के दौरान उन्हें ठीक से लंच ब्रेक लेने की इजाजत दी जाए।
\“ब्रेक पॉलिसी के बारे में दी गलत जानकारी\“
पोस्ट के मुताबिक, वर्कर ने ओरिएंटेशन के दौरान ब्रेक पॉलिसी के बारे में पूछा। एचआर ने कथित तौर पर उन्हें बताया, “कुछ क्रू को काम के हिसाब से एक घंटा या 30 मिनट लगते हैं।” हालांकि, जब उन्होंने अपनी तय साइट जॉइन की तो उन्हें बताया गया कि क्रू लंच ब्रेक बिल्कुल नहीं लेता।
उसने लिखा, “हम दिन में 10 घंटे काम करते थे और हमें लंच ब्रेक लेने की इजाजत नहीं है।” एचआर से दोबारा बात करने के बाद उसने कहा कि उसे ब्रेक लेने की इजाजत पाने के लिए दस्तावेजों पर साइन करने पड़े। दावा किया गया कि इस फैसले से बाकी क्रू परेशान हो गया।
\“मेहनत का काम है, एनर्जी चाहिए\“
उन्होंने कहा, “पूरा क्रू मुझसे इस बात के लिए नफरत करता था लेकिन मुझे परवाह नहीं थी कि यह बहुत मेहनत का काम है और मुझे फिर से एनर्जी चाहिए।” इलेक्ट्रीशियन ने बताया कि वह काम के बाद वजन उठाता है और मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस करता है, इसलिए उसके लिए ठीक से खाना जरूरी है।
शुरू से ही उसने यह भी तय कर लिया था कि वह शाम 4:30 बजे के बाद नहीं रुक सकता। शुरू में शेड्यूल चार दिन 10-घंटे का था, लेकिन बाद में टीम के पीछे होने की वजह से इसे पांच दिन 10-घंटे का कर दिया गया।
उसने कहा कि वह बदलाव तो मान लिया लेकिन दूसरों की तरह शाम 7 या 7:30 बजे तक साइट पर रहने से मना कर दिया। उसने लिखा, “मैं अपने समय की कद्र करता हूं और काम करने के लिए नहीं जीता।”
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