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Ram Navami 2026 Date: कब मनाई जाएगी राम नवमी? इस मुहूर्त पूजा करने से मिलेगा दोगुना फल

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Ram Navami 2026: कैसे करें भगवान श्रीराम को प्रसन्न? (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर राम नवमी (Ram Navami 2026) का त्योहार बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन देशभर में खास रौनक देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर राम जी ने माता कौशल्या के पुत्र के रूप में जन्म लिया था।
इसलिए इस दिन राम जी के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना और दान करने से साधक के जीवन में आ रहे संकट दूर होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। राम नवमी के दिन चैत्र नवरात्र का समापन होता है।
राम नवमी 2026 डेट और टाइम (Ram Navami 2026 Date and Time)

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर होगा। ऐसे में राम नवमी का पर्व 26 मार्च (Kab Hai Ram Navami 2026) को मनाया जाएगा।

  
राम नवमी 2026 शुभ मुहूर्त (Ram Navami 2026 Shubh Muhurat)

राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 13 मिनट से 01 बजकर 41 मिनट
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 44 मिनट से 05 बजकर 30 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 20 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 58 मिनट तक
रवि योग- पूरे दिन
अमृत काल- 01 बजकर 05 मिनट से 02 बजकर 38 मिनट तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 17 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 36 मिनट
चंद्रोदय का समय: दोपहर 01 बजे
चंद्रास्त का समय: 28 मार्च को 03 बजकर 21 मिनट पर
राम नवमी के दिन जरूर करें ये काम

  • इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • देसी घी का दीपक जलाकर राम जी की पूजा-अर्चना करें।
  • पूजा के दौरान रामायण पाठ जरूर करें।
  • राम चालीसा और मंत्रों का जप करें।
  • इसके बाद मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान करें। ऐसा माना जाता है कि राम नवमी के दिन दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और प्रभु श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है।


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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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