संवाद सूत्र, महेवा (जालौन)। ग्राम नियामतपुर में बिना मान्यता संचालित उड़ान भारती स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंधक ने चतुर्थ श्रेणी कर्मी को पिछले छह माह से मानदेय नहीं दिया, इस कारण वह परेशान हो गया। कई बार मानदेय मांगने पर उसे टरका दिया गया। वह आर्थिक तंगी से जूझने लगा और परिवार को खाने-पीने के लाले हो गए। परेशान होकर उसने विद्यालय परिसर के बरामदे में रस्सी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
गुरुवार की सुबह जब वह घर नहीं पहुंचा तो स्वजन उसे खोजते हुए स्कूल पहुंचे, तो वह फंदे पर लटका मिला। सूचना पर चुर्खी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। घटना की जानकारी के बाद भी विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य मौके पर नहीं पहुंचे। इधर, स्वजन ने कर्मी को मारने की आशंका जताई है।
ग्राम नियामतपुर निवासी 30 वर्षीय शिवकुमार उर्फ विधायक यादव क्षेत्र के उड़ान भारती स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। वह रात के समय चौकीदारी करता था, इसी कारण विद्यालय में ही रूक जाता था। गुरुवार की सुबह जब वह घर नहीं पहुंचा, तो उसकी पत्नी स्कूल पहुंची। वहां पति को बरामदे में रस्सी के फंदे पर लटका देखा, तो चीख पड़ी। सूचना पर पहुंचे अन्य लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
मृतक की पत्नी संपता व भाई संतोष ने बताया कि प्रबंधक निहाल व प्रधानाचार्य सुधांशु ने पिछले छह माह से मानदेय नहीं दिया था। इस कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। घर में खाने के भी लाले है, इसी परेशानी में खुदकुशी कर ली। थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अभी तक किसी ने कोई तहरीर नहीं मिली है। प्रधानाचार्य व प्रबंधक से संपर्क किया, तो उनके फोन स्विच आफ मिले। सीओ एके सिंह का कहना है कि जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह पता चलेगी।
नोटिस के बाद भी बंद नहीं हुआ विद्यालय
नियामतपुर के पास संचालित उड़ान भारती स्कूल की मान्यता नहीं है। बीएसए चंद्रप्रकाश ने बीईओ के माध्यम से कई बार नोटिस भी जारी किए हैं, इसके बाद भी विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। जुलाई में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, उसे भी विद्यालय संचालक ने मनमानी करते हुए जमा नहीं किया। |