जागरण संवाददाता, बिजनौर। काष्ठकला व अन्य उद्योगों के साथ ही अब ब्रश उद्योग की भी किस्मत चमकने वाली है। शेरकोट में ब्रश बनाने की एक कंपनी 50 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। यह ब्रश उद्योग के कुल टर्नओवर का 50 प्रतिशत है। नई यूनिट लगने से युवाओं को काम मिलेगा और शेरकोट का ब्रश उद्योग भी चमकेगा। अगले माह इस यूनिट की स्थापना से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
उद्योगों की स्थापना के लिए जिले में बहुत काम किया जा रहा है। चीनी, खांडसारी, काष्ठकला के साथ ही शेरकोट का ब्रश कारोबार भी देश-विदेश में नाम रखता है। कहा जाता है कि हमारे देश से जितना ब्रश बाहर जाता है उसका आधे से अधिक हिस्सा शेरकोट में बनता है। शेरकोट में ब्रश बनाने वाले कारीगरों को बहुत हुरनमंद माना जाता है। इतना सब होने के बाद भी उद्योग में न तो कोई निवेश आ रहा था और न ही कोई उद्यमी जोखिम उठाना चाहता था।
100 करोड़ रुपये है ब्रश उद्योग का टर्नओवर
विदेशों में माल जाने के बावजूद ब्रश उद्योग का टर्नओवर 100 करोड़ रुपये ही है। अब एक उद्यमी द्वारा शेरकोट में ब्रश बनाने की बड़ी यूनिट लगाने के लिए प्रस्ताव लाया जा रहा है। इसकी लागत लगभग 50 करोड़ रुपये रहेगी। इससे क्षेत्र के युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा। इसका एमओयू साइन करने व अन्य प्रक्रिया अगले माह पूरी की जाएंगी।
आगे बढ़ रहा उद्योग
हाल ही में शेरकोट के ब्रश उद्योग को एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है। अब तक बस काष्ठकला उद्योग ही एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल था। सब्सिडी आदि का लाभ मिलने से ब्रश कारोबार के भी आगे बढ़ने की संभावनाएं बन रही हैं।
- 330 इकाइयां हैं शेरकोट में ब्रश की
- 30000 से ज्यादा लोगों को मिलता है रोजगार
- 100 करोड़ का टर्नओवर है ब्रश उद्योग का
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