प्रयागराज के सहसों स्थित पशु चिकित्सालय का निर्माणाधीन भवन। सौ. विभाग
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले के पांच ब्लाकों के सात पशु चिकित्सालयों को जल्द ही नए भवन मिल जाएंगे। लगभग 4.83 करोड़ रुपये की लागत से इनका निर्माण हो चुका है। सिर्फ जनपद स्तरीय तकनीकी टीम से इनकी जांच कराना बाकी है। टीम की हरी झंडी के बाद भवन विभाग को हैंडओवर होगें। इसमें करीब एक महीने का वक्त अभी लग सकता है।
कुछ के पास सरकारी भवन नहीं
पशुपालन विभाग ने शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक 49 पशु चिकित्सालय व एक पाॅलीक्लीनिक खोल रखाा है। इनमें से कुछ अस्पतालों के भवन जर्जर हो गए थे तो कुछ के पास अपना सरकारी भवन नहीं था। किराए के भवन अस्पताल संचालित हो रहे थे।
इन पशु अस्पतालों का दयनीय हाल
हंडिया, हंडिया के बरौत, धनुपुर, उरुवा के मेजा रोड, मेजा के मेजा खास, उरुवा के शुकुलपुर और श्रृंगवेरपुरधाम के लालगोपालगंज के पशु चिकित्सालयों की स्थिति भी कुछ ऐसी थी। हालांकि, अब इन सात अस्पतालों के अपने नए भवन बनकर तैयार हो गए हैं। एक भवन के निर्माण में लगभग 69 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इस तरह सात अस्पतालों पर करीब 4.83 करोड़ का बजट लगा है।
नए भवनों की तकनीकी टीम करेगी जांच : सीवीओ
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डाॅ. शिवनाथ यादव ने बताया कि नए भवनों की जनपद स्तरीय तकनीकी टीम से जांच होनी है। जिलाधिकारी ने यह टीम गठित कर दी है। इस टीम में उनके अलावा, पीडब्ल्यूडी व आरईडी के एक्सईएन शामिल हैं। टीम भवनों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद भवन हैंडओवर होंगे।
तीन नए अस्पतालों का निर्माण जारी
सहसो, शंकरगढ़ के लालापुर और कोरांव के देवीबांध में भी पशु चिकित्सालयों के नए भवनाें का निर्माण हो रहा है। इन भवनों पर भी 69-69 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। इनके बनने से पशुपालन विभाग की व्यवस्थाएं और भी बेहतर होंगी। |