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टाटा स्टील की फाइल फोटो।
जासं, जमशेदपुर । टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में उत्पादन और बिक्री के मोर्चे पर नया इतिहास रच दिया है। कंपनी ने पहली बार किसी एक तिमाही में 60 लाख टन से अधिक स्टील की बिक्री (डिलीवरी) दर्ज की है। इसके साथ ही कच्चे इस्पात (क्रूड स्टील) के उत्पादन में भी अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही आंकड़ा हासिल किया गया है। बुधवार को जारी कंपनी के परिचालन आंकड़ों के अनुसार, टाटा स्टील के भारतीय परिचालन में पिछले वर्ष की समान अवधि और पिछली तिमाही दोनों के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी की इस उपलब्धि के पीछे घरेलू बाजार में मजबूत मांग और उत्पादन क्षमता में किया गया विस्तार प्रमुख कारण माना जा रहा है। खासतौर पर जमशेदपुर और ओडिशा के कलिंगनगर प्लांट के बेहतर प्रदर्शन ने कंपनी को यह सफलता दिलाई है।
भारतीय परिचालन में 12 प्रतिशत की छलांग कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरी तिमाही में टाटा स्टील इंडिया का क्रूड स्टील उत्पादन 63.40 लाख टन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि और पिछली तिमाही की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। वहीं, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कंपनी का कुल उत्पादन करीब 1.72 करोड़ टन तक पहुंच गया है। उत्पादन में इस उल्लेखनीय बढ़ोतरी का सीधा असर बिक्री पर पड़ा और कंपनी ने घरेलू बाजार में 60.40 लाख टन स्टील की डिलीवरी की, जो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
ऑटोमोबाइल और आवास निर्माण क्षेत्र में मजबूत मांग घरेलू बाजार में कंपनी के विभिन्न व्यवसायिक खंडों ने शानदार प्रदर्शन किया है। ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स सेगमेंट में बिक्री नौ लाख टन के सर्वश्रेष्ठ स्तर पर पहुंच गई, जिसमें सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसका प्रमुख कारण जमशेदपुर और कलिंगनगर प्लांट से वाहन निर्माताओं को हाई-टेंसाइल स्टील की समयबद्ध आपूर्ति और त्वरित मंजूरी प्रक्रिया रही। इसके साथ ही, घर निर्माण में उपयोग होने वाले सरिया और अन्य ब्रांडेड उत्पादों की बिक्री भी पहली बार 20 लाख टन के आंकड़े को पार कर गई। टाटा टिस्कान, टाटा एस्ट्रम और टाटा स्टीलियम जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के दम पर रिटेल वर्टिकल में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इंजीनियरिंग और ऑनलाइन कारोबार में तेजी इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स एंड प्रोजेक्ट्स डिवीजन ने इंजीनियरिंग सेक्टर के सहयोग से करीब 19 लाख टन की बिक्री दर्ज की। तेल और गैस जैसे क्षेत्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन मिलने से यह सेगमेंट अब तक के सबसे बेहतर स्तर पर पहुंचा है। वहीं, कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म टाटा स्टील आशियाना और डिजीईसीए के माध्यम से होने वाले कारोबार में 68 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई और यह 2,380 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
विदेशी इकाइयों का मिला-जुला प्रदर्शन विदेशी परिचालन की बात करें तो यूरोप में टाटा स्टील नीदरलैंड का लिक्विड स्टील उत्पादन 16.80 लाख टन रहा, जबकि बिक्री 14 लाख टन दर्ज की गई। मौसमी कारणों और कमजोर बाजार स्थितियों के चलते पिछली तिमाही के मुकाबले वहां बिक्री में हल्की गिरावट देखी गई। वहीं, टाटा स्टील यूके ने 5.20 लाख टन की डिलीवरी की और वहां इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस परियोजना को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में टाटा स्टील थाईलैंड ने घरेलू मांग के बल पर बिक्री में पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। |
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