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गाजियाबाद में बंद मिली आरोपी को कैंसर की दवा मुहैया कराने वाली फर्म, जुलाई में लिया गया था लाइसेंस

LHC0088 2025-11-25 13:37:22 views 860
  




सिकरोड मार्केट में बंद पड़ी कैंसर के दवाओं की तस्करी के मामले में आरोपित को बिल मुहैया करवाने वाली फार्मा एजेंसी। सौ. औषधि विभाग



जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कैंसर की दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद औषधि विभाग और पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपित विश्वास त्यागी की फर्म को दवा की आपूर्ति करने वाली तीन फर्मों में से एक फर्म मेरठ रोड स्थित केयरहुड फार्मा पर ताला लगा हुआ मिला। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जांच में सामने आया है कि जुलाई में ही इस फर्म का लाइसेंस लिया गया था। पुलिस और औषधि विभाग कैंसर मरीजों की दवाओं की तस्करी में पकड़े गए विश्वास त्यागी, आकाश शर्मा और प्रिंस त्यागी के संगठित नेटवर्क की ओर जांच तेज कर रही हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अकेला नहीं था बल्कि दिल्ली, मुंबई और आगरा सहित चार राज्यों में फैले एक विस्तृत सिंडिकेट का हिस्सा था जो लाखों रुपये की महंगी एंटी कैंसर दवाओं की अवैध सप्लाई करता था।
पूरा नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है और आने वाले दिनों में कई और जगह छापेमारी हो सकती है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली के रोहिणी स्थित रघुनंदन मेडिकल स्टोर से गिरोह का जुड़ाव बेहद महत्वपूर्ण है। यही वह जगह है जहां से दवाओं पर छपी सीजीएचएस सप्लाई नाट फार सेल को तीन हजार रुपये प्रति कार्टन लेकर मिटवाया जाता था।

इस मोहर के हटते ही दवाएं बाजार में एमआरपी पर बेचने लायक हो जाती थीं। गिरफ्तार विश्वास त्यागी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह अपनी लाइसेंस रद फर्म द मेडिसन हब के नाम पर फर्जी बिलों का खेल चलाता था। दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित आरबी एंटरप्राइजेज, ओखला की नोविटा फार्मा और गाजियाबाद की केयरहुड से फर्जी खरीद दिखाकर कैंसर की दवाओं को मुंबई और दिल्ली की तीन दवा फर्म थ्राइव फार्मा, यतनेश फार्मा और ब्रदर्स फार्मा को बेचता था।

पुलिस अब इन तीनों कंपनियों के संचालकों की भूमिका, बैंक लेनदेन और स्टाक मूवमेंट की जांच कर रही है। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा का कहना है कि केयरहुड फार्मा पर सोमवार को जांच के लिए टीम गई थी, लेकिन मौके पर फर्म बंद मिली। मकान मालिक से जानकारी जुटाकर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के बैंक खातों, मोबाइल रिकार्ड, और लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में कई लोगों से पूछताछ के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि विश्वास त्यागी से जुड़े कुछ अन्य दलाल और मेडिकल स्टोर संचालक भी जल्द पकड़े जाएंगे। विभागीय मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा और जांच एजेंसियां इसे भी ध्यान में रखकर में रखकर काम कर रही हैं।
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