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रामलीला में रावण का पात्र निभाने वाला लखनऊ का अक्षत तो निकला लंकेश से भी क्रूर

Chikheang 1 hour(s) ago views 82
  

लखनऊ में कोर्ट से बाहर आता अक्षत



डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मेरठ और झांसी के बाद लखनऊ भी हत्या के बाद नीले ड्रम के प्रयोग वाले शहरों में शामिल हो गया है।

आशियाना क्षेत्र के चर्चित मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में आरोपी बेटे अक्षत को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड पर लिया। पूछताछ में अक्षत ने कहा कि पिता मानवेंद्र सिंह का मर्डर गलती से हो गया। अक्षत ने इसमें बहन के शामिल होने से इंकार कर दिया है।

आशियाना क्षेत्र की रामलीला में रावण का पात्र निभाने वाला अक्षत तो क्रूरता में लंकेश से भी आगे निकल गया। पिता की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरी से शव के टुकड़े करने और धड़ को नीले ड्रम में छिपाने वाले अक्षत को गिरफ्तार कर रिमांड में भेज दिया गया है। अपर पुलिस उपायुक्त (मध्य) जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि आरोपी अक्षत सिंह से पूछताछ की जा रही है।

अक्षत बुधवार को जब मीडिया के सामने आया तो सबके सवाल पर सिर्फ यही बोला कि गलती से हो गया। मीडिया ने अक्षत से सवाल किया कि पिता को क्यों मारा, कोई कारण रहा होगा, इस पर अक्षत कुछ पल के लिए सामने खड़े मीडियाकर्मियों को देखता रहा और फिर दबी जुबान में कहा, गलती से हो गया।  

उसके गलती से हो गया था के बयान पर मीडियाकर्मियों ने कहा कि गलती से कैसे हो गया था, कोई दबाव था या परीक्षा का दबाव था, जिस कारण ये घटना की है। अक्षत क्या वजह रही है, बहन को धमकाने का आरोप है, क्या बहन इस हत्याकांड में शामिल है, इस पर अक्षत कुछ नहीं बोला और सिर्फ न में सिर हिलाता रहा। नीले ड्रम लाना और एसिड लाने के बारे में अक्षत से मीडियाकर्मी सवाल करते रहे, लेकिन वह बुत की तरह खड़ा सबकुछ सुनता रहा। उसके चेहरे पर किए हुए कांड को लेकर पछतावा साफ दिख रहा था।

अक्षत ने 20 फरवरी को तड़के पिता मानवेंद्र सिंह (50) की आपसी विवाद के बाद गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश में शव के हाथ-पैर काट दिए और उन्हें लखनऊ में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया, जबकि धड़ को अपने घर के में रखे एक नीले ड्रम के अंदर छिपा दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है और हमने हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया गया है।

वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता थे और गुमशुदगी की रिपोर्ट बेटे अक्षत ने ही दर्ज कराई थी। शुरुआत में अक्षत ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता दिल्ली गए हैं, लेकिन पूछताछ के दौरान बयान बदलता रहा।

पुलिस के मुताबिक सख्ती से पूछताछ में अक्षत ने कबूल किया कि 20 फरवरी की सुबह पिता से विवाद के बाद उसने लाइसेंसी बंदूक से उन्हें गोली मार दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर कुछ हिस्से बाहर फेंके और बाकी नीले ड्रम में घर के अंदर छिपा दिए।  

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मानवेंद्र सिंह मुहल्ले में सबकी मदद करते थे। जरूरत पड़ने पर लोगों को आर्थिक सहायता देते और इलाज भी कराते थे। वह रामलीला भी कराते थे और अक्षत रामलीला में रावण का किरदार निभाता था।

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