search

बरेली को दंगे की आग में झोंकने के दो आरोपित गिरफ्तार, दंगाइयों को दिए थे असलहा

cy520520 3 hour(s) ago views 979
  

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण



जागरण संवाददाता, बरेली। 26 सितंबर को पुलिस पर फायरिंग के लिए दंगाइयों को असलहा उपलब्ध कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। मौलाना तौकीर रजा के करीबी फरहत का हिस्ट्रीशीटर भाई इशरत बहेड़ी से अवैध असलहा सप्लाई कर रहा था।

उसके कहने पर गुर्गे तस्लीम व औशाफ उर्फ सोमू खान ने झुमका चौराहा पर असलहों की खेप सौंपी थी। गुरुवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से पूछताछ में स्पष्ट हो गया शहर को दंगे की आग में झोंकने का षड्यंत्र पहले ही रच लिया गया था। इसमें दोनों की जिम्मेदारी भी तय की गई थी।

पुलिस को इशरत समेत चार अन्य की तलाश है। कानपुर के आइ लव मोहम्मद लिखे पोस्टर विवाद की आड़ में इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने शहर में दंगा कराया था। इसके बाद वह पुलिस से बचने के लिए करीबी फरहत के घर छिप गया था। अगले दिन वहीं से गिरफ्तार कर उसे फतेहगढ़ जेल भेज दिया गया।

फरहत भी जेल भेजा जा चुका। पुलिस के अनुसार दंगे के तार बहेड़ी के अवैध असलहा सप्लायरों से जुड़ रहे थे। इसकी तह तक जाने में जुटी टीम को गुरुवार दोपहर सूचना मिली कि कार में अवैध असलहा रखकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की तैयारी है।

इसी आधार पर शेरगढ़ बस अड्डे पर छापेमारी कर कार सवार तस्लीम व सोमू खान को पकड़ा गया। दोनों से सात तमंचे व 44 कारतूस भी मिले। दोनों ने स्वीकारा कि दंगे के षड्यंत्रकारी फरहत का भाई इशरत अली अवैध असलहों की सप्लाई करता है। बरेली में दंगे वाली सुबह फरहत के कहने पर इशरत ने अवैध असलहों की खेप तैयार की।

यह भी पढ़ें- बरेली कॉलेज बनेगा सेंट्रल यूनिवर्सिटी! शासन ने मांगा प्रस्ताव, ऐतिहासिक लाल भवन की बदलेगी तकदीर

इसके बाद झुमका चौराहा पहुंचाने को कहा। दोपहर को वहां पहुंचे तो असलहा लेने के लिए एक व्यक्ति खड़ा था। उसकी पहचान कराने के लिए इशरत को वीडियो काल की थी। उसका चेहरा देख इशरत ने अवैध असलहा दे देने को कहा। बाद में उसी व्यक्ति ने दंगाइयों को अवैध असलहा सौंप दिए।  

उत्तराखंड पहुंचाने थे तमंचे

एसपी नार्थ मुकेश मिश्र ने बताया कि सोमू और तस्लीम गुरुवार को उत्तराखंड के दरऊ गांव के प्रधान गफ्फार को तमंचों की सप्लाई देने जा रहा था। इस सौदे में उसी गांव का समीर भी शामिल था। इसमें प्रयुक्त कार इशरत की थी। अब एक टीम उत्तराखंड भी भेजी जाएगी, ताकि गफ्फार व समीर की गिरफ्तारी की जा सके।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
160496