Madhubani News: सड़क जाम के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मधुबनी। Speedy Trial Punishment: जिले में लगातार बढ़ रही सड़क जाम की घटनाओं को जिला प्रशासन ने गंभीर चुनौती के रूप में लिया है। सड़क जाम के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों, परीक्षा देने जा रहे छात्रों, कार्यालय कर्मियों और दैनिक मजदूरों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को रास्ता नहीं मिल पाने से जान-माल का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है।
लोगों को होती परेशानी
इन परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि सड़क जाम किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। इससे न केवल आम जनता को असुविधा होती है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क जाम कराने वाले उपद्रवी और असामाजिक तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
10 उपद्रवियों पर नामजद प्राथमिकी
जिला प्रशासन आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी फुटेज की मदद से सड़क जाम में शामिल लोगों की पहचान कर रहा है। अब तक ऐसे 10 उपद्रवियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। इन लोगों को भविष्य में पुलिस द्वारा चरित्र प्रमाण पत्र भी निर्गत नहीं किया जाएगा। साथ ही स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
जाम करना कानूनन अपराध
जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांति और संयम बनाए रखें। किसी भी दुर्घटना, मांग या समस्या को लेकर सड़क जाम करना कानूनन अपराध है, जिससे सबसे अधिक नुकसान आम जनता को ही होता है। प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके लिए शांतिपूर्ण और कानूनी रास्ता अपनाना जरूरी है।
प्रशासन की अपील
नागरिक अपनी शिकायतें और मांगें संबंधित विभागों को लिखित रूप में दें, जनसुनवाई कार्यक्रम में भाग लें या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। किसी भी घटना या दुर्घटना की सूचना संबंधित थाना या डायल 112 पर दें, ताकि त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई हो सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मार्ग बाधित करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और सामाजिक शांति व व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। |