नई दिल्ली। हवाई सफर के दौरान फ्लाइट में कुछ यात्रियों के हंगामा करने की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं और इन पर लगाम लगाने के लिए DGCA ने सख्त एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। दरअसल, एविएशन सेक्टर के रेगुलेटर, डीजीसीए का मानना है कि फ्लाइट सेफ्टी (Flight Safety)को प्राथमिकता देना जरूरी है और किसी भी एक पैसेंजर का बुरा बर्ताव पूरे विमान को खतरे में डाल सकता है। DGCA ने ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किया है और सभी स्टेकहोल्डर्स से 16 मार्च तक सुझाव और आपत्तियां मांगे हैं।
DGCA के ड्राफ्ट रेगुलेशन में क्या प्रस्ताव?
DGCA ने Unruly Passenger यानी अनुशासनहीन यात्रियों के लिए सख्त नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। इनमें सबसे कड़े प्रावधान के तौर पर...
- एयरलाइंस को अब सीधे 30 दिनों तक फ्लाइंग बैन लगाने का अधिकार मिलेगा।
– इसके लिए किसी इंडिपेंडेंट कमिटी को रेफर करने की जरूरत खत्म होगी।
किन मामलों में बैन?
- बोर्ड पर स्मोकिंग
- घरेलू फ्लाइट में शराब पीना (या इंटरनेशनल में क्रू द्वारा न दी गई शराब)
- इमरजेंसी एग्जिट से छेड़छाड़
- लाइफ जैकेट जैसी लाइफ-सेविंग इक्विपमेंट का गलत इस्तेमाल
- नशे में शोर मचाना, चिल्लाना, स्लोगन लगाना
- सीट बैक किक करना, ट्रे टेबल पर बार-बार मारना या अन्य यात्रियों को परेशान करना
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पुराने नियम में अब तक ऐसे मामलों में इंडिपेंडेंट कमिटी की जांच जरूरी थी, जिससे कार्रवाई में देरी होती थी। अब एयरलाइंस की जिम्मेदारी होगी कि वह SOP बनाए, सभी स्टाफ को ट्रेनिंग दे, और घटना की रिपोर्ट DGCA से करे व सभी से शेयर करे। |