सांसद ने कहा कि लगातार बढ़ रहा ट्रैफिक दवाब, मेट्रो चलने से लोगों को मिलेगी राहत।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। ट्राईसिटी में जल्द मेट्रो परियोजना शुरू नहीं की गई तो वर्ष 2036 तक चंडीगढ़ “ट्रैफिक का नरक” बन सकता है। इस मुद्दे को सांसद मनीष तिवारी ने संसद में उठा चुके हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि चंडीगढ़ मेट्रो को “रणनीतिक कनेक्टिविटी परियोजना” घोषित कर 25,000 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान दिया जाए।
परियोजना की लागत प्रारंभिक 16,000 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 25,000 करोड़ रुपये हो चुकी है और देरी होने पर यह और बढ़ेगी। सांसद ने कहा कि लगातार बढ़ते वाहन दबाव और अनियंत्रित जाम से शहर की गतिशीलता और विकास ठप पड़ सकता है।
सांसद ने कहा कि चंडीगढ़ और आसपास के शहरों में जनसंख्या और वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग मोहाली, पंचकूला और न्यू चंडीगढ़ से चंडीगढ़ काम के लिए आते हैं। इससे सड़कों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में एक एकीकृत और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि देश के 18 शहरों में मेट्रो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। चंडीगढ़ को इससे वंचित रखना अनुचित है। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो बढ़ता ट्रैफिक शहर के पर्यावरण, ईंधन खपत और आर्थिक विकास पर गंभीर असर डालेगा। |