छांयसा में तीन संदिग्ध मरीज मिले। जागरण
जागरण संवाददाता, हथीन (पलवल)। पलवल के छांयसा गांव में फैले हेपेटाइटिस संक्रमण के बीच बच्चे समेत तीन संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। 29 साल के एक युवक का उपचार नल्हड़ मेडिकल कॉलेज, बच्चे का उपचार एक निजी अस्पताल तथा एक बुजुर्ग का उपचार गांव में ही किया जा रहा है।
प्राथमिक उपचार में इनमें हेपेटाइटिस संक्रमण के लक्ष्ण पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना रिपोर्ट आने के बाद भी वह पुष्टि कर सकेंगे कि मरीज हेपेटाइटिस से संक्रमित हैं या नहीं।
वकील नाम एक मरीज के भाई ने बताया कि दो दिन पहले वकील की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले उसे तेज बुखार आया, इसके बाद कंपकंपी शुरू हो गई। हम उसे तुरंत पलवल लेकर गए, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद हेपेटाइटिस-सी होने की पुष्टि की।
वहीं, स्थिति गंभीर देख हमने उसे तुरंत नल्हड़ मेडिकल कालेज लेकर गए। फिलहाल वकील वहीं भर्ती है और पहले से कुछ सुधार है।
बता दें कि छांयसा गांव में बीते 20 दिनों में 50 से अधिक हेपिटाइटिस बी और सी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से हेपिटाइटिस बी और सी से पीड़ित चार मरीजों की मौत भी हो चुकी है। साथ ही तीन मरीज पीलिया के कारण भी जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में लोगों की जांच कर रही है।
इस जांच में लगातार ग्रामीण बुखार, पेट दर्द, उलटी की शिकायतें कर रहे हैं। गांव में लगातार फैलते हुए संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की टीम ने भी गांव का दौरा कर चुकी है।
शुक्रवार को विधानसभा सत्र के दौरान हथीन के विधायक मोहम्मद इजरायल चौधरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। विधायक ने मुख्यमंत्री को छांयसा गांव में हो रही मौतों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही क्षेत्र में पेयजल संकट और अस्पताल की खराब स्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
वहीं, छांयसा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच की और स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूक किया। टीम ने डोर-टू-डोर अभियान चलाया। साथ ही जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी के नमूनों की भी जांच की।
100 से ज्यादा लोगों ने कराई जांच और टीकाकरण
गांव में शुक्रवार को 50 से ज्यादा लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई और हेपेटाइटिस से बचाव के लिए टीकाकरण भी कराया। इस दौरान ग्रामीणों को डाक्टरों ने साफ पानी पीने की सलाह दी। साथ ही शुद्ध भोजन के साथ ही लक्षण दिखने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करने को कहा गया। |
|