कांग्रेस नेता राहुल गांधी।- फाइल फोटो
विजेंद्र द्विवेदी, सुलतानपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपों का सामना कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ करीब आठ साल से कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। केस दायर करने वाले भाजपा नेता विजय मिश्र समेत तीन गवाहों के बयान से राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उन्होंने केस में तीसरी बार कोर्ट में हाजिरी लगाई है। अगले कुछ दिनों में अदालत के निर्णय पर राहुल गांधी का राजनीतिक भविष्य तय होगा।
कोर्ट से सजा होने पर राहुल गांधी अपनी संसद की सदस्यता गंवा सकते हैं। हालांकि, सजा होने पर राहुल गांधी के पास ऊपरी अदालत में अपील दाखिल करने का विकल्प मौजूद होगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता विजय मिश्र ने कोर्ट में केस (परिवाद) दायर किया था। इसमें उन्होंने राहुल गांधी पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में दायर यह मामला काफी दिनों तक उसी कोर्ट में चल रहा था। बाद में मामला एमपी-एमएलए की विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट में पहुंचा था। परिवादी विजय मिश्र की गवाही दर्ज होने के बाद दूसरे गवाह पीतांबरपुर गांव के अनिल मिश्र ने कोर्ट में गवाही दी थी। तीसरे गवाह के रूप में मलिकपुर के रामचंद्र दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी थी।
27 नवंबर 2023 को तत्कालीन मजिस्ट्रेट योगेश यादव ने राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत कराई थी। 25 जुलाई 2024 को राहुल गांधी में दूसरी बार कोर्ट में हाजिर होकर अपना बयान दर्ज कराया था। शुक्रवार को वह तीसरी बार कोर्ट में हाजिर हुए जहां उनका बयान (सीआरपीसी की धारा 313 के तहत दर्ज होने वाला बयान) दर्ज किया गया।
करीब आठ साल से चल रहा मामला अब निर्णायक दौर में पहुंचने वाला है। कोर्ट के निर्णय पर राहुल गांधी का राजनीतिक भविष्य तय होगा। सजा होने पर राहुल की सदस्यता पर ग्रहण लग सकता है।
दो वर्ष की हो सकती है सजा
राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के केस में दो वर्ष तक की सजा व जुर्माना का प्रावधान है। परिवादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय कहते हैं कि राहुल गांधी को सजा दिलाने के लिए पत्रावली पर पर्याप्त साक्ष्य मौजूद है।
राहुल को बेगुनाह साबित करने का देगें साक्ष्य: बचाव पक्ष
राहुल गांधी की ओर से कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कहा कि, मामला राजनीतिक दुर्भावना में दायर किया गया है। वह राहुल गांधी को बेगुनाह साबित करने के लिए कोर्ट में साक्ष्य पेश करेंगे।
कोर्ट ने राहुल से पूंछे आठ सवाल
मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने राहुल गांधी से आठ सवाल पूंछा। इसमें उन पर लगाए गए आरोपों के साथ ही मुकदमा क्यों चला शामिल है। राहुल ने कहा कि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उन पर दुर्भावना से मुकदमा चलाया जा रहा है। इस दौरान राहुल गांधी की ओर से लिखित बयान भी दाखिल किया गया। इसमें उन्होंने कहा है कि, मामला पोषणीय नहीं होने के कारण निरस्त होने योग्य है। साथ ही यह भी कहा है कि, जिसके खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगा है, उसने केस दायर नहीं किया है।
कोर्ट में 40 मिनट रहे राहुल गांधी
राहुल गांधी सुबह ठीक 10.40 बजे कोर्ट पहुंचे। अदालती कार्यवाही निपटने के बाद वह 11.20 बजे कोर्ट से बाहर चले गए।
उन्होंने कोर्ट में प्रवेश करने पर मजिस्ट्रेट को प्रणाम किया और निकलते समय धन्यवाद बोले।
कोर्ट परिसर में रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राहुल गांधी की कोर्ट में पेशी को लेकर कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। कोर्ट के दोनों गेटों पर पुलिस तैनात रही। सुबह से ही वकीलों को छोड़कर गेट से प्रवेश करने वालों की पुलिस ने जांच की। सीआरपीएफ के जवानों के साथ कई थानों की पुलिस तैनात रही। एडीएम प्रशासन गौरव शुक्ल व एएसपी अखंड प्रताप सिंह सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
कोर्ट रूम में वादकारियों के प्रवेश पर रही रोक
राहुल गांधी की पेशी के दौरान कोर्ट रूप में वादकारियों के प्रवेश पर रोक लगी रही। सीजेएम कोर्ट के सामने बरामदे से लेकर ऊपर जाने वाले वादकारियों को रोक दिया गया। राहुल गांधी के कोर्ट रूम में प्रवेश करने पर दरवाजा बंद करा दिया गया। कोर्ट रूम में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी व दोनों पक्षों के वकीलों को प्रवेश दिया।
कांग्रेसियों का लगा रहा जमावड़ा
कोर्ट परिसर में कांग्रेसियों का जमावड़ा लगा रहा। मुख्य गेट से लेकर अंदर तक कांग्रेसी राहुल गांधी से मिलने के लिए खड़े रहे। मुख्य गेट के पास कांग्रेस की ओर से सत्यमेव जयते को पोस्टर लगाया गया था। हालांकि, राहुल गांधी कोर्ट रूम से निकलने के बाद सीधे अपनी गाड़ी पर बैठ गए और किसी से मिले नहीं। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा, शहर अध्यक्ष शकील अंसारी, वरुण मिश्र, रवि शुक्ल, पूर्व जिलाध्यक्ष मकसूद आलम, रणजीत सिंह सलूजा, पवन मिश्र नन्हे समेत कई कांग्रेसी मौजूद रहे। इससे पहले पूर्वांचल एक्सप्रेस वे होते हुए कोर्ट आने पर जगह-जगह पर राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए कांग्रेसी सड़क के किनारे खड़े रहे।
वापस लौटते समय रामचेत मोची के परिजन से मिले राहुल गांधी
कूरेभार। कोर्ट से निकलने के बाद राहुल गांधी का काफिला गुप्तारगंज स्थित स्व. रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचा। यहां उन्होंने रामचेत के निधन पर उनके परिजन से शोक संवेदना जताई। उन्होंने रामचेत की पोती श्रद्धा को गोद में बैठाकर करीब तीन मिनट तक स्नेहपूर्वक दुलार किया। श्रद्धा के पैर में संक्रमण देखकर उन्होंने उसके समुचित इलाज की व्यवस्था कराने की बात जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा से कही।
जाते समय श्रद्धा को चाकलेट देकर परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया। राहुल ने रामचेत के बेटे राघव, पुत्रवधू क्रांति, नाती शिवम व सत्यम के साथ फोटो भी खिंचवाई। विदित हो कि पिछली बार पेशी से वापस जाते समय राहुल ने रामचेत की दुकान पर रुककर जूता सिला था। करीब तीन माह पूर्व रामचेत की कैंसर से मौत हो गई थी।
इससे पहले जिलाध्यक्ष की अगुवाई में राहुल गांधी का पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे स्थित मुजेश टोल प्लाजा पर फूलमालाओं से स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता डा. उमाशंकर पांडेय, जिला महासचिव काली सहाय सिंह, वरिष्ठ नेता कृपाशंकर त्रिपाठी, विनोद पांडेय, महेश पाठक समेत कई लोग मौजूद रहे।
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