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मंडी शिवरात्रि महोत्सव: छोटी काशी में दिखी फ्रांस से लेकर अमेरिका तक की सांस्कृतिक झलक, मन मोह लेंगी ये तस्वीरें

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जागरण संवाददाता, मंडी। मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के पावन अवसर पर \“छोटी काशी\“ शुक्रवार को वैश्विक संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठीं। महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड ने देवभूमि की प्राचीन परंपराओं के बीच फ्रांस से लेकर अमेरिका तक की लोक कलाओं की अनूठी झलक पेश की।

  

18 देशों के कलाकारों ने हिस्सा लिया

इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए शहर की सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सांस्कृतिक परेड में इस बार 18 देशों के कलाकारों ने भाग लेकर महोत्सव को वैश्विक मंच पर एक नई ऊंचाई प्रदान की। परेड में फ्रांस, अमेरिका, श्रीलंका, नाइजीरिया, तंजानिया, तजाकिस्तान, रुस, अर्जेंटीना, जिम्बाब्वे, अफ्रीका, घाना व कई अन्य देशों के सांस्कृतिक दलों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

  

लोटस ड्रेस में दिखीं विदेशी कालाकार

जैसे ही परेड शुरू हुई, फ्रांस के कलाकारों ने अपने शास्त्रीय वैभव और अमेरिका के लोक कलाकारों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से स्थानीय लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, नाइजीरिया और तंजानिया के कलाकारों ने अपने पारंपरिक अफ्रीकी नृत्य और ड्रम वादन से पूरे माहौल में जोश भर दिया। परेड का औपचारिक आगाज उपायुक्त कार्यालय परिसर से हुआ।

  

पारंपरिक अफ्रीकी डांस का प्रदर्शन

स्थानीय वाद्ययंत्रों ढोल, नगाड़े, शहनाई और करनाल की गूंज ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। विदेशी कलाकारों का स्वागत हिमाचली परंपरा के अनुसार किया गया, जो अतिथि देवो भव की भावना को चरितार्थ कर रहा था। मंडी के पारंपरिक लोक कलाकारों और विदेशी मेहमानों के बीच का यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान देखने लायक था।

  

शो देखने उमड़ी भीड़

उपायुक्त कार्यालय से शुरू होकर यह परेड शहर के मुख्य बाजारों से होती हुई ऐतिहासिक इंदिरा मार्केट पहुंची। पूरे मार्ग में लोगों की भारी भीड़ जमा थी। लोग अपने घरों की छतों और खिड़कियों से इस अद्भुत संगम को निहार रहे थे। हर कोई अपने मोबाइल कैमरों में इन यादगार पलों को कैद करने के लिए आतुर दिखा।

  

तजाकिस्तान-श्रीलंका के कलाकारों की वेशभूषा बनी आकर्षण का केंद्र

परेड ने इंदिरा मार्केट की पूरी परिक्रमा की, जहां सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। तजाकिस्तान और श्रीलंका के कलाकारों की वेशभूषा विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही। परेड में देश के विभिन्न राज्यों के 17 सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुति दी। सभी दलों के कलाकारों ने सेरी मंच पर रंगारंग प्रस्तुति दी।
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