केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव निष्ठा तिवारी और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने झारखंड पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा-2 की संयुक्त सचिव निष्ठा तिवारी ने शुक्रवार को डीजीपी तदाशा मिश्रा की उपस्थिति में झारखंड पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के प्रविधानों के अनुपालन एवं अनुसंधान में साक्ष्य संकलन पर जोर दिया। जिलों के माध्यम से ई-साक्ष्य एप का उपयोग करने में आने वाली समस्याओं के बारे में भी उन्होंने विस्तारपूर्वक चर्चा की।
उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के प्रविधान के अनुरूप कांडों का निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुसंधान पूरा करने के लिए कहा और इसके लिए अनुसंधान में वैज्ञानिक जांच के लिए फोरेंसिक टीम की मदद लेने का भी निर्देश दिया।
बैठक करती डीजीपी
इसके अलावा साइबर अपराध, आतंकवाद का मुकाबला, ड्रग नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण, विदेशी नागरिकों की वैधता की जांच आदि से संबंधित जांच में आने वाली समस्याओं के संबंध में व्यापक रूप से चर्चा की। चर्चा के दौरान उपरोक्त विषय से संबंधित पुलिस की कार्यक्षमता, कार्यप्रणाली को लेकर भी समीक्षा की गई है।
जिन तीन नए कानूनों के झारखंड में हो रहे उपयोग की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई है, उनमें भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 शामिल हैं। साक्ष्य संकलन के लिए ई-साक्ष्य एप का सही एवं सकारात्मक प्रयोग हो रहा है कि नहीं, बैठक में इसकी भी जानकारी ली गई है।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव निष्ठा तिवारी व डीजीपी झारखंड तदाशा मिश्रा के अलावा सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीडीटीआई) चंडीगढ़ के उप प्रधानाचार्य डॉ. शाहिल अरोड़ा, एसआईबी रांची के संयुक्त निदेशक, अभियोजन निदेशालय के निदेशक, स्वास्थ्य सेवा के निदेशक, आईजी विशेष शाखा प्रभात कुमार, आईजी सीआईडी असीम विक्रांत मिंज, आईजी प्रशिक्षण ए. विजयालक्ष्मी, आईजी अभियान डॉ. माइकलराज एस., आईजी मुख्यालय सुदर्शन प्रसाद मंडल, आईजी प्रोविजन पटेल मयूर कन्हैयालाल, आईजी सीआईडी अजय लिंडा, डीआईजी जैप कार्तिक एस. आदि पुलिस अधिकारियों के साथ गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड के अपर सचिव हिमांशु मोहन व एनआईसी के राज्य समन्वयक आदि उपस्थित थे। |