सांसद रामशंकर कठेरिया और कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय।
जागरण संवाददाता, आगरा। राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर 13 वर्ष पहले प्रदर्शन करने और ट्रेनें का संचालक रुकने के मामले में दर्ज मुकदमे में न्यायालय ने 25 फरवरी को पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को हाजिर होने के आदेश दिए हैं।
ब्रज क्षेत्र सदस्य मनोज राघव को शुक्रवार को कस्टडी में लेने के बाद कोर्ट नंबर सात एसीजेएम अनुज कुमार ने शाम को वारंट वापस कर रिहा कर दिया।
राजा की मंडी रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट चेकिंग में वर्ष 2013 में ग्वालियर परीक्षा देने जा रहे युवाओं को पकड़ लिया गया था। इससे उनकी परीक्षा छूट गई थी। तत्कालीन सांसद डा. रामशंकर कठेरिया के नेतृत्व में भाजपाइयों ने स्टेशन पर ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया था।
इससे पीछे चल रहीं अन्य ट्रेनें भी रुक गई थीं। जीआरपी व पुलिस ने रेलवे एक्ट व सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
हाजिर नहीं होने पर कोर्ट नंबर सात एसीजेएम अनुज कुमार ने भाजपा ब्रज क्षेत्र सदस्य मनोज राघव के गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। शुक्रवार को भाजपा नेता मनोज राघव अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर वारंट वापसी का निवेदन किया।
इसके बाद कोर्ट ने भाजपा नेता मनोज राघव को कस्टडी में लेने के आदेश दिए। अधिवक्ताओं की गई बहस के बाद शाम 4:30 बजे वारंट वापस लेते हुए कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया।
न्यायालय ने हाजिर होने पर किसान नेता मोहन सिंह चाहर के वारंट दो फरवरी को ही वापस कर लिए गए थे।
कोर्ट ने 25 फरवरी तारीख निर्धारित करते हुए पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, भाजपा नेता मोहन सिंह चाहर, अनिल चौधरी, गजेंद्र सिंह, मनोज राजौरा, सुमित कटियार को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। |