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45 दिन से अधिक अस्थायी नियुक्तियों में आरक्षण अनिवार्य, UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों को दिए सख्त निर्देश

Chikheang 1 hour(s) ago views 160
  

45 दिन से अधिक अस्थायी नियुक्तियों में आरक्षण अनिवार्य (फाइल फोटो)



जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। समता नियमों को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद विश्वविद्यालय सहित देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों व गैर-शैक्षणिक पदों पर अस्थाई रूप से होने वाली नियुक्तियों में आरक्षण मानकों का पालन न होने के मामले ने भी तूल पकड़ा है।

हालांकि इससे जुड़ी शिकायतों के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षण संस्थानों से खाली पदों पर की जाने वाली अस्थाई नियुक्तियों के लिए बने नियमों का पालन करने के निर्देश दिए है। जिसमें 45 दिन या उससे अधिक अवधि के लिए कोई अस्थाई नियुक्ति की जाती है, तो उसमें आरक्षण मानकों का पालन करना होगा।
शिक्षा मंत्रालय से भी की गई शिकायत

यूजीसी ने इसके साथ ही देश भर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से अपने यहां वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बीच की गई अस्थाई नियुक्तियों का ब्यौरा मुहैया कराने के भी निर्देश दिए है। माना जा रहा है कि इन आंकड़ों के आने के बाद अस्थाई पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों में आरक्षण नियमों का पालन न करने के आरोपों को जांचा जा सकेगा।

यूजीसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों को यह निर्देश तब दिए गए है, जब एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग से जुड़े संगठनों इस मुद्दे को इंटरनेट मीडिया के जरिए लगातार उठ रहे है। साथ ही एससी-एसटी और ओबीसी आयोग व शिक्षा मंत्रालय से भी इसे लेकर शिकायत की गई है।

गौरतलब है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने को लेकर शिक्षा मंत्रालय पहले भी अपना रुख साफ चुका है। जिसमें आरक्षित वर्ग के खाली पदों को भरने में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे उसी वर्ग से भरा जाएगा।

मोदी सरकार के आने यानी 2014 से पहले आरक्षित वर्ग के पदों को भरने के लिए तीन बार विज्ञापन देने के बाद यदि उस पद के लिए उस वर्ग से योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते थे, तो उस पद को सामान्य कोटे में तब्दील कर दिया जाता था।
अस्थाई नियुक्तियों में भी आरक्षण मानकों के पालन को पहले भी दिए गए थे निर्देश

उच्च शिक्षण संस्थानों में खाली पदों पर दी जाने वाली अस्थाई नियुक्तियों में आरक्षण मानकों के पालन को लेकर कार्मिक मंत्रालय पहले ही एक गाइडलाइन जारी कर रखा है। इनमें ही व्यवस्था दी गई है, कि 45 दिन या उससे अधिक अवधि की नियुक्तियों में आरक्षण मानकों का पालन करना होगा। इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, एससी-एसटी आयोग व ओबीसी आयोग भी इसके सख्ती से पालन को लेकर निर्देश दे चुका है।

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