ग्रामीण विकास विभाग का बजट पेश करते मंत्री श्रवण कुमार और कटौती प्रस्ताव पर बोलते राजद विधायक गौतम कृष्ण। सौ-वीडियो ग्रैब
डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Politics: बिहार विधानसभा में मंगलवार को ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर तीखी बहस देखने को मिली। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने 23,701.18 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव सदन में रखा।
बजट प्रस्तुति के दौरान विपक्ष ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और जीविका जैसी योजनाओं में कथित घोटाले और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 10 रुपये की प्रतीकात्मक कटौती का प्रस्ताव रखा।
विपक्ष का कहना था कि बिना कमीशन और रिश्वत के विभाग में कोई काम नहीं होता, इसलिए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
ग्रामीण विकास विभाग में भ्रष्टाचार
कटौती प्रस्ताव के समर्थन में राजद विधायक गौतम कृष्ण ने सरकार और विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सदन में कहा कि वे स्वयं इसी विभाग में बीडीओ के रूप में कार्य कर चुके हैं और वहां फैले भ्रष्टाचार के प्रत्यक्ष गवाह हैं।
गौतम कृष्ण ने कहा, \“मैं ईमानदारी से सेवा करने के लिए बीडीओ बनकर गया था, लेकिन विभागीय भ्रष्टाचार की वजह से मुझे पद छोड़ना पड़ा। 14 महीने के छोटे से कार्यकाल में मैंने देखा कि एक ईमानदार अधिकारी को किस तरह से परेशान किया जाता है।\“
त्यागपत्र में कारणाें का उल्लेख
उन्होंने यह भी कहा कि उनके त्यागपत्र में भ्रष्ट व्यवस्था का जिक्र है और उसी ईमानदारी व स्वाभिमान को देखते हुए लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ने उन्हें राजनीति में आने का अवसर दिया, जिससे वे बीडीओ से विधायक बने।
सदन की कार्यवाही पर कटाक्ष करते हुए गौतम कृष्ण ने कहा, \“जब हम सदन में होते हैं तो लगता है कि कहीं भय, भूख और भ्रष्टाचार नहीं है, जैसे रामराज आ गया हो। लेकिन बाहर की सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।\“
उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य ‘जंगलराज’ नहीं बल्कि ‘महाजंगलराज’ में डूबा हुआ है। ग्रामीण विकास विभाग सीधे तौर पर जनता के जीवन, विकास और खुशहाली से जुड़ा है, लेकिन इतनी संभावनाओं वाले इस विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है।
गौतम कृष्ण के इस बयान के दौरान बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली और ग्रामीण विकास विभाग का बजट राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। |
|