सेक्टर-45 स्थित सिविल अस्पताल में सुविधाओं के बारे में जानकारी लेते स्वास्थ्य विभाग के सचिव मनदीप सिंह बराड़।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर के सरकारी अस्पतालों में न तो डाॅक्टर हैं और न मरीजों को दवा मिल रही। अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था और चिकित्सकों की कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठे तो सचिव मनदीप सिंह बराड़ जमीनी हकीकत जानने पहुंचे।
सेक्टर-45 स्थित सिविल अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मरीजों और चिकित्सा स्टाफ से सीधे बातचीत कर जमीनी स्थिति का आकलन किया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव बराड़ ने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, लैब और आपात सेवाओं का जायजा लिया।
मरीजों से बातचीत में डॉक्टरों की कमी और इलाज में देरी की शिकायतें सामने आईं। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, नियमित सर्जिकल सेवाएं शुरू करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सेक्टर-45 अस्पताल को द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को छोटे उपचारों के लिए बड़े अस्पतालों की ओर रुख न करना पड़े।
अस्पताल प्रबंधन को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसके साथ स्वास्थ्य सचिव ने मनीमाजरा और सेक्टर-22 स्थित सिविल अस्पतालों का भी संक्षिप्त निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। |
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