जागरण संवाददाता, कानपुर। गोविंद नगर के रेलवे कालाेनी और रतनलाल नगर इलाके में बेसहारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इलाकाई लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी नगर निगम की ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालात यह कि महिलाओं, बच्चे और बुजुर्गों का सड़क पर अकेले निकलना तक मुश्किल हो गया है।
वहीं, सोमवार देर रात गश्त कर रहे गोविंदनगर थानाक्षेत्र की रेलवे कालोनी के चौकी इंचार्ज शशेंद्र बहादुर सिंह भी कुत्तों के हमले के चलते बाइक से गिरकर घायल हो गए।
चौकी इंचार्ज ने बताया कि क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे मौजूद छह-सात कुत्ते भौंकते हुए उनकी बाइक के पीछे दौड़ पड़े और झपट्टा मार दिया। इससे वह बाइक से संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिरने से उनके बाएं की अंगुली में गंभीर चोट आ गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाया। उधर, रतनलाल नगर स्थित भागवत पार्क के आसपास भी कुत्तों का आतंक बना हुआ है। यहां दूध लेने जा रहीं हैप्पी टावर में रहने वाली कोमल अरोड़ा पर कुत्तों ने हमला कर दिया और उनके पैर में काट लिया। बचाव में उनके शोर मचाने पर आसपास के घरों से बाहर निकले, जिसके बाद जाकर उनकी जान बच सकी।
क्षेत्र में रहने वाली अजय साहू ने बताया कि बीते कुछ दिनों में कुत्ते मुहल्ले में रहने वाले नवीन मुलानी, कारोबारी रवींद्र अग्रवाल और धोबी कमलेश को भी काट चुके हैं। कई बार नगर निगम में शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बताया कि सुबह-शाम बच्चों व बुजुर्गों का घर से निकलना खतरे से खाली नहीं है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी आरके निरंजन ने बताया कि कुत्तों को बधिया करने और पकड़ने की निरंतर कार्रवाई चल रही है। जानकारी हुई है। टीम भेजककर कुत्तों को पकड़वाया जाएगा, ताकि लोगों को आतंक से मुक्ति मिल सके। |
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