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नोएडा में 200 से अधिक बिजली के खंभे जर्जर हालत में हैं। जागरण
स्वाति भाटिया, नोएडा। शहर की सड़कों और सेक्टरों में खड़े बिजली के खंभे अब सुरक्षा की निशानी नहीं, बल्कि खतरे का सबब बन गए हैं। जगह-जगह टेढ़े-मेढ़े झूलते ये जर्जर खंभे कभी भी गिरकर बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच यह खराब इंफ्रास्ट्रक्चर स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा दोनों पैदा कर रहा है।
लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे हुए हैं। तेज हवा या बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। शहर में 200 से ज्यादा बिजली के खंभे खराब हालत में बताए जा रहे हैं, जो किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा खतरा
सेक्टर 50 में स्टेट बैंक के पीछे और मानव रचना स्कूल के सामने कई खंभे झुके हुए हैं। मेदांता हॉस्पिटल रोड पर चार से ज्यादा खंभे जर्जर हैं। सेक्टर 101 में मेट्रो स्टेशन के सामने से सलालपुर गांव की ओर जाने वाली सड़क पर एक पोल पूरी तरह से टेढ़ा है और करीब 20 पोल खराब होने की खबर है। सेक्टर 18, 15, 20, 31 और 21A में भी कई जगहों पर पोल गिरने की कगार पर हैं। बाल भारती पब्लिक स्कूल के पास पेड़ से सटा पोल कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
कब हुए हादसे?
21 मई, 2025 को धूल भरी आंधी की वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सैकड़ों पोल गिर गए, जिससे घंटों ट्रैफिक जाम रहा। जून 2025 में दनकौर के रीलखा गांव में एक जर्जर पोल से ट्रांसफॉर्मर गिरने से चार लोग घायल हो गए और एक की मौत हो गई। अगस्त 2023 में सेक्टर 24 में ESI हॉस्पिटल के बाहर करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई। अप्रैल 2022 में पर्थला गोलचक्कर के पास 40 फुट ऊंचा मोनोपोल सड़क पर गिर गया।
हादसों की वजहें
पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर, खंभों के बेस पर जंग, खुले पैनल बॉक्स और बिना शटडाउन के काम होना इसकी मुख्य वजहें हैं। झुके हुए खंभों से बड़े हादसे हो सकते हैं।
- अमित गुप्ता
अधिकारी पहले किसी के गिरने का इंतज़ार कर रहे हैं। उसके बाद ही झुके और खराब बिजली के खंभों को बदलने का काम शुरू होगा। यहां बिना हादसों के कुछ नहीं होता।
- बृजेश शर्मा
स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं, और स्मार्ट सिटी तो बस नाम की है। बिजली निगम भी इस मामले में सबसे पतला है। पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से बिजली सप्लाई हो रही है।
- अनुराधा
डिपार्टमेंट को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। खराब, जर्जर और खराब खंभे लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा हैं। समय पर एक्शन लेना चाहिए।
- प्रियंका खन्ना
2026 तक ज्यादातर जर्जर खंभों को बदलने का टारगेट है, और गर्मियों में बिना रुकावट बिजली सप्लाई पक्का करने के लिए कई जगहों पर रिपेयर का काम चल रहा है।
– विवेक कुमार पटेल, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर |
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