शादी का ई-कार्ड क्लिक करते ही साफ हो रहे खाते।
संवाद सूत्र, बाराबंकी। सहालग की दस्तक के साथ साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ठगी का नया हथियार ‘शादी का ई-कार्ड’ मोबाइल पर एपीके फाइल के रूप में भेजकर लोगों की गाढ़ी कमाई में सेंध लगा रहे हैं। कथित निमंत्रण पत्रों पर क्लिक करते ही लोगों के बैंक खाते खाली हो रहे हैं। साइबर थाने पर ऐसे कई मामले आ चुके हैं।
वॉट्सएप या अन्य मैसेजिंग एप पर परिचित के नाम से शादी का कार्ड एपीके फाइल के रूप में भेजा जाता है। जैसे ही फाइल को पीड़ित इंस्टाल करता है मोबाइल का एक्सेस साइबर ठगी को मिल जाता है। जिसके बाद साइबर ठग मोबाइल धारक के खातों से रुपये की चपत लगाने लगता है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि एपीके फाइल के जरिए मोबाइल का रिमोट एक्सेस लिया जा सकता है। इसके बाद ठग बैंकिंग एप और मैसेज से खातों तक पहुंच जाते हैं।
जैदपुर के कोला निवासी राजवीर ने शिकायत की है कि जैसे ही उन्होंने वैवाहिक ई-कार्ड की फाइल खोली उनके खाते से 45 हजार रुपये निकल गए।
वहीं शहर के कटरा मुहल्ला निवासी व्यापारी अजय के पास अज्ञात नंबर से सुनील यादव की शादी का ई-कार्ड आया। जैसे ही उन्होंने वह ई-कार्ड खोला उनके खाते से पांच बार में 67 हजार रुपये निकल गए।
क्या करें और कैसे बचें
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि किसी भी अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। शादी का ई-कार्ड आए तो पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर पुष्टि कर लें। केवल गूगल प्ले स्टोर या अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप डाउनलोड करें।
मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट नियमित रखें। ओटीपी, बैंकिंग डिटेल, यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। |
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