जिला नागरिक अस्पताल में 376 से अधिक हृदय रोगी पहुंचे।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गिरता पारा व प्रदूषण मिलकर दिल की धक-धक बढ़ा रहे हैं। पिछले दिनों न्यूनतम तापमान पारा चार डिग्री तक रिकार्ड किया गया। यही वजह है कि सरकारी व निजी अस्पतालों में पिछले आठ दिनों में हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला नागरिक अस्पताल में 376 से अधिक हृदय रोगी पहुंचे।
हृदय रोग विशेषज्ञ डा. संजय चुघ ने कहा कि छाती में चुभन जैसी शिकायत को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने ऐसे किसी भी लक्षण को गंभीरता से लेने और तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी है।
सेक्टर-10 स्थित जिला नागरिक अस्पताल के हृदय आरोग्य केंद्र की इमरजेंसी में रविवार को छुट्टी के दिन दोपहर दो बजे तक हृदय संबंधी समस्या लेकर आठ नए मरीज पहुंचे। इन मरीजों में छह पुरुष व दो महिलाएं रहीं। यहां पिछले सात दिन में कुल 376 मरीज पहुंचे। इनमें 25 हृदय रोगियों की जान बचाने के लिए एंजियोप्लास्टी करनी पड़ी। इसमें 12 हृदय रोगी अटैक पड़ने की गंभीर अवस्था में लाए गए जबकि 13 मरीज नलिकाएं सिकुड़ने से गंभीर ब्लाकेज की समस्या लेकर पहुंचे।
इस दौरान रोजाना औसतन 50 मरीज सीने में दर्द व सुई जैसी चुभन संबंधी समस्या लेकर आए। यहां प्रतिदिन औसतन करीब चार से पांच मामले हार्ट अटैक के आ रहे हैं जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या करीब 15 से 20 होती थी। अगर आर्टेमिस समेत अन्य निजी अस्पतालों की ओपीडी जोड़ी जाए तो यह संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।
गिरता पारा और प्रदूषण के कारण सीने में दर्द, हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। मौसम में फ्लू के संक्रमण का भी खतरा ज्यादा रहता है, जो दिल पर दबाव डालता है। घर में ही हल्के व्यायाम और वार्मअप से भी शरीर को ठंड से लड़ने में मदद मिलती है। ज्यादा धूम्रपान या एल्कोहल के सेवन से भी खतरा बढ़ता है। ठंड में अपेक्षाकृत कम पानी पीना दिल के लिए हानिकारक है। इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। यह भी ध्यान रखें कि पानी हल्का गुनगुना रहे। - डॉ. सुरेंद्र नाथ खन्ना, चेयरपर्सन, एडल्ट कार्डियक सर्जरी और हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट, आर्टेमिस हास्पिटल्स |
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