प्रतीकात्मक फोटो
संवाद सूत्र, जागरण, बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव दामोदराबाद में मकान की छत पर खेलते समय 6 वर्षीय बच्चा बाउंड्रीवाल के समेत दूसरे मकान की छत गिर गया। जिससे बच्चे के सर में गंभीर चोट लगने से घायल हो गया।
पास ही खेल रही बहनों की चीख पुकार के बाद स्वजन मौके पर पहुंचे। घायल बच्चे को उपचार के लिए देहरादून महंत इन्द्रेश अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
रविवार दोपहर गांव दामोदराबाद में घटित हुई। प्रवीन पुत्र प्रेम सिंह का छह वर्षीय बेटा वंश अपनी तीन बहनों के साथ मकान की छत पर ट्रैक्टर के खिलौने से खेल रहा था। खिलौना दूसरे मकान की छत पर गिर गया। जिसे उठाने के प्रयास में अचानक वंश दूसरे मकान की छत पर गिर गया व उस पर दीवार भी गिर गई। जिससे वंश के सिर में गुम चोट लगने से घायल हो गया।
बहनों की चीख सुनकर स्वजन भी मौके पर पहुंच गये। वंश को घायल अवस्था में उपचार के लिये देहरादून के महंत इन्द्रेश अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वंश की मौत की खबर लगते ही स्वजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्वजनों ने पुलिस कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
तीन बहनों में इकलौता भाई था वंश
छह वर्षीय वंश जो अपने पिता प्रवीन व माता शीतल की आंखों का तारा था जिसके लिये माता पिता की आंखों में न जाने कितने सपने संजोए थे। जो रविवार की दोपहर अचानक ही बिखर गये। मां की आंखों से अश्रुधारा मानों रूकने का नाम नही ले रही।
मृतक वंश की तीन बहन हैं। वंश जीआरडी एकेडमी में नर्सरी कक्षा में पढ़ता था। परिवार में प्रवीन के चचरे भाई की आठ फरवरी को शादी भी थी। जिसकी परिवार में तैयारियां चल रही थी।
हादसे से बचाव के लिए बरतें सावधानी
- छत की चारों तरफ से मजबूत रेलिंग या चार दीवारी कम से कम तीन से चार फीट ऊंची हो।
- सीढ़ी पर दरवाजा या ग्रिल लगाएं, ताकि बच्चा अकेले छत पर न जा सके।
- छत पर फिसलन वाली टाइल्स, पानी या काई न रहने दें।
- बच्चों को अकेला छत पर न छोड़ें।
- खेलते समय बच्चों पर नजर रखें
- बच्चों को छत के किनारे न जाने और दौड़-भाग न करें।
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