पंचायत भवनों में लेखपालों की रहेगी उपलब्धता।
संवाद सूत्र, सीतापुर। राजस्व संबंधी वादों का निस्तारण ग्राम पंचायत स्तर पर आसानी से हो सकेगा। ग्रामीणों को अपने खेत, खलिहानों की समस्याओं के निपटारे के लिए तहसील व जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राजस्व परिषद ने इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपालों की मौजूदगी को लेकर काम करना शुरू कर दिया है।
सभी ग्राम पंचायतों में अलग से लेखपालों के लिए एक कमरा बनाया जाएगा। इस कमरे में बैठकर वह ग्रामीणों की राजस्व से जुड़ी समस्याओं को निस्तारित करेंगे। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारी से दो बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।
जिला प्रशासन से मांगी गई जानकारी
प्रभारी अधिकारी राजस्व परिषद अंजू कटियार ने जिला प्रशासन से दो बिंदुओं पर सर्वे कराने को कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। पहली पंचायत भवन परिसर में स्थल की उपलब्धता है कि नहीं है। दूसरी जानकारी ग्राम पंचायत एवं हलका की सीमा एक समान नहीं होती है, मुख्यालय किस प्रकार तय किया जाए। इन सूचनाओं को संकलित करने के बाद राजस्व परिषद को भेजा जाएगा।
ग्रामीणों को होगी सहूलियत
ग्रामीणों को अपनी जमीन जायदाद सहित आय, जाति, जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रपत्रों को बनवाने लिए लेखपालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार लेखपालों की उपलब्धता न होने के कारण काम नहीं हो पाता है।
लिहाजा ग्रामीण तहसील, जिला प्रशासन को शिकायत करते फिरते हैं। इन्ही समस्याओं को देखते हुए जिले की सभी 1551 ग्राम पंचायत भवनों में लेखपालों के भवन बनाए जाएंगे। |