हरियाणा: 298 सरकारी स्कूलों में कोई नियमित शिक्षक नहीं (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के 298 सरकारी स्कूलों में कोई नियमित अध्यापक नहीं है। इसके अलावा 1051 स्कूलों में सिर्फ एक नियमित शिक्षक है। पक्की भर्ती होने तक हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत अनुबंध पर शिक्षक लगाए गए हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा की ओर से यह जानकारी सदन पटल पर रखी गई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में राजकीय विद्यालयों में कुल 21 लाख 55 हजार 687 छात्र नामांकित हैं। इनमें से कुल सात लाख 94 हजार 280 छात्र अनुसूचित जाति (एससी) के हैं।
राजकीय विद्यालयों में अध्यापक छात्र अनुपात की बात करें तो पहली से पांचवीं कक्षा तक 27 बच्चों पर एक शिक्षक, छठी से आठवीं तक 18 बच्चों और नौवीं से बारहवीं तक 22 छात्रों पर एक शिक्षक है। जहां शिक्षकों की कमी है, वहां अध्यापकों का आंतरिक समायोजन करके काम चलाया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जल्द ही ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव भी शुरू की जाएगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से नियमित भर्ती के साथ ही आवश्यकता अनुसार पदोन्नति के माध्यम से रिक्त पदों को भरा जाएगा।
उच्चतर शिक्षा में बढ़ा सकल नामांकन अनुपात
| वर्ष | सकल नामांकन अनुपात (प्रतिशत में) |
| 2018-19 | 28.1 | | 2019-20 | 28.2 | | 2020-21 | 31.1 | | 2021-22 | 33.3 | | 2022-23 | 34.8 |
नोट: केंद्र सरकार के उच्चतर शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2023-24 और 2024-25 का आंकड़ा अभी जारी किया जाना है  |
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