फर्जी मुंबई ऑफिस से करता था डेविड हेडली रेकी (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में 35 साल की सजा काट रहा डेविड कोलेमन हेडली 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश में एक फर्जी इमिग्रेशन ऑफिस चल रहा था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि मुंबई में उसका तथाकथित \“इमिग्रेशन लॉ सेंटर\“ असल में सिर्फ एक ढाल था, जिसके जरिए वह 26/11 हमलों से पहले रेकी करता था।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी नागरिक हेडली 2002 से 2005 के बीच पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कम से कम पांच ट्रेनिंग कैंप में शामिल हुआ था। लश्कर के कमांडरों के निर्देश पर वह भारत आया और 2008 के मुंबई हमलों से पहले पांच बार रेकी की।
भारत ने कई बार हेडली के प्रत्यर्पण की मांग की, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उसके सहयोग समझौते का हवाला देते हुए उसे भारत को सौंपने से इनकार कर दिया।
NIA को कैसे हुआ शक?
NIA के दस्तावेजों के मुताबिक, हेडली का इमिग्रेशन सेंटर असली कारोबार नहीं था। वहां ग्राहक आते थे, लेकिन किसी भी वीजा आवेदन की प्रक्रिया नहीं की गई। इससे जांच एजेंसी को शक हुआ कि यह ऑफिस केवल कवर के तौर पर खोला गया था।
चार्जशीट में एक पूर्व कर्मचारी के बयान का हवाला दिया गया है। उसने बताया कि हेडली ऑफिस के अंदर नमाज नहीं पढ़ता था। बाहर वह खुद को धार्मिक मुस्लिम दिखाता था, लेकिन नमाज पढ़ने के लिए मुंबई के फोर्ट इलाके में जाता था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह उसने इसलिए किया ताकि ऑफिस के अंदर कोई तय पैटर्न न बने और कर्मचारियों को शक न हो।
ईमेल भेजने के लिए साइबर कैफे का करता था इस्तेमाल
पूर्व कर्मचारी ने यह भी बताया कि हेडली ऑफिस से ईमेल नहीं भेजता था। वह पास के साइबर कैफे से मेल करता था और ऑफिस के लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल भी नहीं करता था। वह केवल मोबाइल फोन से बातचीत करता था।
यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी के बाद दाखिल की गई है। पाकिस्तान मूल का कारोबारी राणा इस समय भारत की हिरासत में है और 26/11 हमलों से जुड़े आरोपों में मुकदमे का इंतजार कर रहा है।
राणा ने हेडली के लिए दस्तावेज किए तैयार
जांच में सामने आया कि राणा ने ही हेडली के भारत दौरे के लिए यात्रा दस्तावेज तैयार किए और अन्य इंतजाम किए। पहले हेडली भी कह चुका है कि उसने भारत आने के लिए राणा की ट्रैवल फर्म का इस्तेमाल किया था। गौरतलब है कि 2008 में मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमलों में 160 से धिक लोगों की जान गई थी। यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था।
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