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‘हम ग्रीनलैंड की रक्षा करेंगे’: डेनमार्क ने अमेरिका को नाटो युद्ध के ‘विनाशकारी’ परिणाम की चेतावनी दी

deltin33 2026-1-10 05:27:00 views 1212
  

डेनमार्क ने अमेरिका को नाटो युद्ध के ‘विनाशकारी’ परिणाम की चेतावनी दी (फोटो- एक्स)



डिजिटल डेस्क, कॉपेनहेगन/वाशिंगटन। डेनमार्क और ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दबाव तेज होने के साथ अंतरराष्ट्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है। डेनमार्क के सांसद और रक्षा समिति के अध्यक्ष रासमुस जारलोव ने साफ कहा कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड पर सैन्य हमला करता है, तो डेनमार्क को अपनी रक्षा करनी होगी।
जारलोव ने चेतावनी दी

एनडीटीवी के अनुसार, जोरलोव ने कहा “हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम पर सैन्य हमला करना स्वीकार्य नहीं है, और इससे दो नाटो देशों के बीच युद्ध जैसी हास्यास्पद और विनाशकारी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, जो पूरी तरह से विनाशकारी, बेहद मूर्खतापूर्ण और अनावजश्यक होगी।“

उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर हमले की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले से ही दोनों देशों के बीच 1951 का रक्षा समझौता है, जो अमेरिका को द्वीप पर सैन्य अड्डे और खनन गतिविधियों की अनुमति देता है। जारलोव ने कहा, “ट्रंप के लिए कोई खतरा, शत्रुता या औचित्य नहीं है। हम आशा करते हैं कि बातचीत से मामला पटरी पर आएगा।“
डेनमार्क की पीएम की कड़ी चेतावनी: नाटो का अंत हो सकता है

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने और सख्त लहजे में कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सशस्त्र हमला 76 साल पुराने नाटो गठबंधन के लिए अंत का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि निश्चित रूप से सैन्य हमला नाटो का अंत होगा, क्योंकि तब डेनमार्क को नाटो के अनुच्छेद 5 का सहारा लेना पड़ेगा।

तब अमेरिका और अन्य सभी देश डेनमार्क की रक्षा के लिए अमेरिका के खिलाफ आने और सहायता करने के लिए बाध्य होंगे। बेशक, अमेरिका इसे वीटो कर देगा, और तब नाटो समाप्त हो जाएगा।“

फ्रेडरिक्सन ने इसे “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था का अंत“ बताया। कई यूरोपीय नेता और पूर्व नाटो राजदूतों ने भी इस खतरे को गंभीर माना है, जिसमें कहा गया है कि ऐसा हमला अनुच्छेद 5 की विश्वसनीयता को पूरी तरह नष्ट कर देगा।
ट्रंप प्रशासन का रुख: सभी विकल्प खुले

व्हाइट हाउस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए “विभिन्न विकल्पों“ पर विचार कर रहे हैं, जिसमें सैन्य बल का प्रयोग भी शामिल है।

प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीनलैंड का अधिग्रहण संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता है। आर्कटिक क्षेत्र में विरोधियों को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण है।“

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वे खरीदने पर फोकस कर रहे हैं, न कि सैन्य कार्रवाई पर, और अगले सप्ताह डेनमार्क व ग्रीनलैंड अधिकारियों से बैठक होगी। डेनमार्क ने इसे “आवश्यक संवाद“ बताया है।
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