चडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए समाचार पत्र पढ़ना अनिवार्य किए जाने की मांग तेज।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए रोजाना अखबार पढ़ना अनिवार्य किए जाने के बाद अब चंडीगढ़ में भी इस व्यवस्था को लागू करने की मांग तेज हो गई है।
शिक्षा से जुड़े संगठनों और अभिभावकों का कहना है कि इस पहल से बच्चों की सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और समसामयिक विषयों की समझ मजबूत होगी। अन्य राज्यों में जारी आदेश के अनुसार विद्यालयों की प्रार्थना सभा में प्रतिदिन 10 मिनट राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, खेल और प्रमुख संपादकीय समाचारों का वाचन किया जा रहा है।
साथ ही रोजाना पांच नए शब्दों का अर्थ सहित परिचय दिया जा रहा है। इसी तर्ज पर चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग उठी है।
भाषा और अभिव्यक्ति क्षमता होगी मजबूत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अखबार पढ़ने से विद्यार्थियों की भाषा पर पकड़ मजबूत होती है और उनकी अभिव्यक्ति क्षमता में सुधार आता है। वर्तमान में मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में बच्चों को गंभीर पठन-पाठन से जोड़ने के लिए यह पहल बेहद कारगर साबित हो सकती है।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों अखबार मंगवाने की मांग
मांग करने वालों का कहना है कि चंडीगढ़ के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम दो अखबार एक हिंदी और एक अंग्रेजी के मंगवाए जाएं, जबकि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी अखबार अनिवार्य किए जाएं। इससे विद्यार्थियों को दोनों भाषाओं में दक्षता हासिल करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग कर रहा है विचार
सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। यदि इसे लागू किया जाता है तो इससे विद्यार्थियों में समाचारों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे अधिक जागरूक, विचारशील और आत्मविश्वासी नागरिक बन सकेंगे। |
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