search

गोरखपुर में ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर से सुलझेगी शहर के जलभराव की समस्या, बढ़ेगा तालाबों का कैचमेंट एरिया

LHC0088 1 hour(s) ago views 257
  

नगर निगम स्थित अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल कार्यालय। जागरण  



राजीव रंजन, गोरखपुर। शहर को जलभराव की पुरानी समस्या से स्थाई निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने एक खाका तैयार किया है। जल निकासी सिस्टम को आधुनिक बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अब ‘ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ तकनीक का सहारा लिया जाएगा।

नगर निगम ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए 220 करोड़ का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल जल्द ही केंद्रीय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के समक्ष मंजूरी के लिए प्रस्तुतीकरण देंंगे।

नगर निगम के इस मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के ‘अर्बन फ्लड रिस्क मैनेजमेंट प्रोग्राम’ (फेज-4) के तहत शहर को बाढ़ और जलभराव से सुरक्षित करना है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के अनुसार, ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के माध्यम से शहर के ड्रेनेज नेटवर्क को न केवल सुधारा जाएगा, बल्कि उसे प्रकृति के साथ जोड़ा जाएगा।

इसके लिए एक विशेष ‘अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल’ के अपग्रेडेशन की योजना है, जो आधुनिक डेटा और तकनीक के आधार पर जल निकासी की निगरानी करेगा। इस योजना के तहत गोरखपुर के 19 प्रमुख जलाशयों और 16 बड़े नालों के पुनरुद्धार की योजना तैयार की गई है।

इसके लिए तालाब और जलभराव वाले क्षेत्र चुने गए हैं। वर्तमान में गाद और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे इन जल निकायों को गहरा और चौड़ा किया जाएगा ताकि बारिश के दौरान ये अतिरिक्त पानी को सोख सकें।

इसके साथ ही तकियाघाट के बाद अब डोमिनगढ़ नाला और रामगढ़ ताल में गिरने वाला देवरिया बाईपास रोड स्थित पाम पैराडाइज के पास का नाला बायोरेमेडिएशन तकनीक से साफ होगा। इस विधि में नालों के पानी को प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों की मदद से उपचारित किया जाएगा। यह प्रक्रिया न केवल किफायती है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर शहर के पार्कों की बदलेगी सूरत, पार्षदों से मांगे गए 12 लाख तक के प्रस्ताव

\“ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर\“ से प्रकृति और विकास का संतुलन
अक्सर शहरी विकास में कंक्रीट के ढांचे (ग्रे इंफ्रास्ट्रक्चर) पर जोर दिया जाता है, लेकिन ‘ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ एक आधुनिक शहरी नियोजन अवधारणा है जो प्रकृति और विकास का संतुलन बनाती है। ‘ब्लू’ इंफ्रास्ट्रक्चर में शहर के जल निकायों जैसे नदियां, झीलें, तालाब, नहरें और वेटलैंड (आद्रभूमि) शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य जल संचयन और बाढ़ नियंत्रण है।

वहीं, ‘ग्रीन’ इंफ्रास्ट्रक्चर में पेड़-पौधे, पार्क, बगीचे, ग्रीन बेल्ट और घास के मैदान शामिल हैं। यह जमीन द्वारा पानी सोखने की क्षमता को बढ़ाता है। परंपरागत रूप से बारिश का पानी नालियों के जरिये बाहर निकाला जाता है, जिससे नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं। ब्लू-ग्रीन माडल में पार्कों (ग्रीन) और तालाबों (ब्लू) को इस तरह जोड़ा जाता है कि बारिश का पानी जमीन के अंदर जाए या जलाशयों में इकट्ठा हो जाए। इससे न केवल जलभराव रुकता है, बल्कि शहर का तापमान कम रहता है और भूजल स्तर में सुधार होता है।

चयनित तालाब
नकहा नंबर 1, मिर्जापुर, पचपेड़वा का समय माता मंदिर (2 तालाब), गायत्रीपुरम तालाब स्थित घोसी पोखरा, फर्टिलाइजर कालोनी का तिनोहिया तालाब, फर्टिलाइजर कालोनी स्थित शिव मंदिर पास स्थित बुद्ध पोखरा, फर्टिलाइजर कालोनी स्थित झुंगिया गेट के पास स्थित तालाब, वृंदावन कालोनी के पीछे स्थित चित्रगुप्त कालोनी तालाब, मिर्जापुर स्थित मिर्जापुर प्राथमिक विद्यालय तालाब, वार्ड 30 गुलरिहा स्थित उम्मरपुर तालाब, फर्टिलाइजर कालोनी फतेहपुर दिहवा तालाब, वार्ड 5 स्थित विधायक निवास तालाब (ईदगाह के सामने), ट्रांसपोर्ट नगर का मुक्तेश्वर नाथ मंदिर तालाब, पोखर भिंडा स्थित राप्ती नगर फेज-4 आनंद विहार तालाब, चरगावां स्थित इंद्रप्रस्थ कालोनी तालाब, रामजानकी नगर पोखरा, समय माता मंदिर के पास तालाब (हरसेवकपुर नं. 2), अशोक नगर का मोती पोखरा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर कालोनी तालाब, ग्रीन सिटी फेज 2 तालाब, राजेंद्र नगर, चिलमापुर रोड स्थित भरवलिया बुजुर्ग तालाब और पथरा स्थित दुर्गापुरम न्यू कालोनी तालाब।  

जलभराव वाले चयनित क्षेत्र
नौरंगाबाद-लच्छीपुर क्षेत्र, रामनगर का बजरंग नगर, घोसीपुरवा का चमनगंज क्षेत्र,, नकहा नंबर एक का ओबा नगरी, नंदू मिश्रा गली, रामजानकी नगर, गंगा टोला, नंदा नगर बिहारी बस अड्डा, फुलवरिया शिवाजी नगर, अली नगर में माडर्न पैथोलाजी के सामने, सूरजकुंड कालोनी स्थित मोहनलालपुर मस्जिद से डोमिनगढ़ तक (माधोपुर और जफर कालोनी सहित), जटेपुर में पुलिया नंबर 179, 180 और 181 के बीच का हिस्सा, विजय चौक सिनेमा रोड, जुबली चौक के पास चित्रगुप्त मंदिर के सामने, कटनिया स्थित झरवा, ट्रांसपोर्टनगर स्थित मुक्तेश्वर नाथ मंदिर तालाब के आसपास का क्षेत्र, पचपेड़वा स्थित मिर्जापुर पचपेड़वा और संत झूलेलाल नगर कालोनी और बशारतपुर में लिटिल फ्लावर स्कूल, धर्मपुर रोड।


शहर की जलभराव की समस्या दूर करने के लिए अर्बन फ्लड रिस्क मैनेजमेंट प्रोग्राम फेज-4 के तहत कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही केंद्रीय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समक्ष इसका प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा।
-

-गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त   
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
164915