LHC0088 • Yesterday 09:56 • views 699
राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा कुत्तों व गोवंश के कारण उत्पन्न जोखिम पर की हुई कार्यवाही की जानकारी ली गई। जागरण
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में आवारा पशुओं को लेकर उच्चतम न्यायालय की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। बैठक में सार्वजनिक एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों से आवारा कुत्तों और गोवंश को हटाने तथा न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को क्षेत्रवार नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों में स्ट्रीट डाग्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर ठोस कदम उठाने को कहा। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा कुत्तों व गोवंश के कारण उत्पन्न जोखिम पर की गई कार्यवाही की जानकारी ली गई।
मुख्य सचिव ने क्रिटिकल स्थलों की पहचान कर वहां त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवारा गोवंश के संरक्षण के लिए कांजी हाउस तैयार करने और उनके सुचारू संचालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
यह भी पढ़ें- सीएम धामी की उत्तराखंड वासियों को सौगात, 5.26 करोड़ के विकास कार्यों को दी मंजूरी
मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन को निर्देश दिए कि सभी बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और उनके आसपास आवारा पशुओं एवं गोवंश के संबंध में स्थानीय निकायों के सहयोग से समुचित कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय नागरिकों को इन पशुओं को गोद लेने के लिए प्रेरित करने हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पालतू जानवर रखने वालों के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ विषय पर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए, ताकि जिम्मेदार पालतू पालन को बढ़ावा दिया जा सके। बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, डा.आर. राजेश कुमार, डा. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। |
|