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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी पर करें ये उपाय।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 धार्मिक दृष्टि से बहुत अच्छा माना जा रहा है। दरअसल, 14 जनवरी 2026 को एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो दशकों में कभी-कभार ही देखने को मिलता है। इस दिन न केवल सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, बल्कि उसी दिन षटतिला एकादशी का पावन व्रत भी है। ऐसा कहा जा रहा है इस दुर्लभ दिन (Makar Sankranti - Shattila Ekadashi 2026) पर किए गए उपाय से दोगुना शुभ फलों की प्राप्ति होती है, तो आइए जानते हैं।
रात के समय करें ये दुर्लभ उपाय (Night Remedies)
पितृ दोष के लिए
14 जनवरी की रात को अपने घर की दक्षिण दिशा में एक मिट्टी के दीपक में तिल का तेल डालकर दीपक जलाएं। साथ ही इसमें थोड़े से काले तिल डाल दें। इस उपाय को करने से पितृ दोष शांत होता है। साथ ही पूर्वजों की कृपा मिलती है, जिससे घर में रुकते हुए काम बनने लगते हैं।
धन वृद्धि के उपाय
रात के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने एक पीले कपड़े में मुट्ठी भर काले तिल और 5 कौड़ियां रखें। \“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय\“ का 108 बार जाप करें। अगली सुबह इस पोटली को अपनी तिजोरी में रख दें। कहते हैं कि एकादशी और संक्रांति के इस पावन मौके पर किया गया यह उपाय आर्थिक तंगी दूर करता है।
रोगों से मुक्ति के लिए
14 जनवरी की रात को थोड़ा सा काला तिल और गंगाजल मिलाकर एक पात्र में रखें। फिर संकल्प लें कि अगले दिन आप इसी तिल का उबटन लगाकर स्नान करेंगे। षटतिला एकादशी और संक्रांति पर तिल के उबटन से स्नान करने से राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
तिल का छह तरीकों से उपयोग
इस संयोग में तिल का उपयोग छह तरीकों से करना चाहिए। जैसे कि तिल का स्नान, तिल का उबटन, तिल का तर्पण, तिल का दान, तिल का भोजन और तिल का हवन। 14 जनवरी की रात को इन कामों को करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति मिलती है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
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