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फोरेंसिक जांच सेवा का होगा विस्तार, एक माह के भीतर रिपोर्ट देने का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हादसे तथा अपराध मामलों की जांच को फोरेंसिक जांच सुगम बनाती है। इस बात को देखते हुए हरियाणा पुलिस फोरेंसिक जांच सेवा का इस साल विस्तार करने जा रही है। हरियाणा पुलिस ने लक्ष्य तय किया है कि 30 दिन के अंदर फोरेंसिक जांच हर हाल में पूरी कर रिपोर्ट दे दी जाएगी।
योजना को मूर्त रूप देने के लिए हिसार और पंचकूला में नये डीएनए जांच डिवीजन स्थापित किए जाएंगे तथा फोरेंसिक एक्सपर्ट के 64 नए पद सृजित कर पदों पर भर्ती की जाएगी। गुरुग्राम के भोंडसी व हिसार स्थित आरएफएसएल भवनों के विस्तार पर 32.58 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि का उपयोग तेज़ी से किया जाएगा।
वर्ष 2025-26 हरियाणा की फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री प्रणाली बेहतर दिखाई दी। सुधारों का सीधा प्रभाव जांच की गति और गुणवत्ता पर देखने को मिला है। एनडीपीएस मामलों में अब फोरेंसिक रिपोर्ट एक माह के भीतर मिल रही है, वाणिज्यिक गुणवत्ता वाले मामलों में यह समय घटकर केवल 15 दिन रह गया है और कुल मामलों के निस्तारण में 28.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि मामलों की संख्या बढ़ने के बावजूद लंबित मामलों में लगभग 12 प्रतिशत की कमी आई है।
फोरेंसिक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा मानव संसाधन विस्तार किया। कुल 243 नए पद स्वीकृत किए गए, जिनमें से 97 पदों पर नियुक्ति पूरी हो चुकी हैं और 323 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है।
वर्ष 2025-26 में 15.83 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए, तीन करोड़ के उपकरणों के आर्डर जारी किए गए और 57.95 करोड़ रुपये से अधिक के उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है। ‘ट्रैकिया पोर्टल’ के माध्यम से जांच डिजिटल हो गई है।
आने वाले समय में हर अपराध की जांच वैज्ञानिक सबूतों पर आधारित होगी और पुलिस की पूरी प्रक्रिया फोरेंसिक सपोर्ट पर निर्भर करेगी। हरियाणा पुलिस का लक्ष्य न केवल रिपोर्टिंग को तेज करना है, बल्कि उसे इतना मजबूत और विश्वसनीय बनाना है कि अदालतों में अभियोजन को ठोस समर्थन मिले और निर्दोष व्यक्ति को बिना विलंब न्याय मिल सके। - अजय सिंघल, पुलिस महानिदेशक हरियाणा |
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