प्रतीकात्मक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में युवाओं के कौशल विकास पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने जा रहा है। इस क्रम में राज्य में संचालित गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट और इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून के छात्र-छात्राओं के लिए परिषद व टीएचएससी (टूरिज्म एंड हास्पिटेलिटी स्किल काउंसिल) 15 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण संचालित करेंगे।
इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके प्लेसमेंट की प्रक्रिया में कुशल बनाना है, जिसके लिए टीएचएससी एक टीम भेजेगी। राज्य में पर्यटन आधारित प्रशिक्षण, आतिथ्य सेवाओं के मानकीकरण एवं प्रमाणित गाइड तैयार करने के सिलसिले में पर्यटन सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
पर्यटन सचिव गर्ब्याल ने बैठक में निर्देश दिए कि होटल मैनेजमेंट संस्थानों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए टीएचएससी एवं ललित हॉस्पिटेलिटी के माध्यम से एक गैप विश्लेषण रिपोर्ट तैयार की जाए।
परिषद और टीएचएससी के मध्य एमओयू का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत बीपीएल श्रेणी के अभ्यर्थियों को निश्शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामान्य अभ्यर्थियों से 50:50 में शुल्क लिया जाएगा। यह कार्यक्रम गढ़वाल व कुमाऊं दोनों अंचलों में संचालित किए जाएंगे।
पर्यटन सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि नेचर, हैरिटेज, डेस्टिनेशन, एस्ट्रो, रिवर व अन्य साहसिक पर्यटन से जुड़े गाइड को आधिकारिक पहचान पत्र जारी किए जाएं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत धारचूला क्षेत्र में स्थानीय युवाओं व होम स्टे संचालकों को आतिथ्य एवं भोजन गुणवत्ता संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता एवं विविधता युक्त भोजन उपलब्ध हो सकेगा।
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इंटर्नशिप को विदेश भेजे जाएंगे 100 छात्र
पर्यटन सचिव ने बताया कि टीएचएससी के साथ हुए विशेष समझौते के तहत राज्य में संचालित सरकारी होटल मैनेजमेंट संस्थानों के 100 मेधावी छात्रों को विदेश में उच्च कोटि के संस्थानों में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाएगा। बैठक में परिषद के अलावा टीएचएससी के अधिकारी, होटल मैनेजमेंट संस्थानों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। |
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