बीएमसी ने 80,952.56 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश किया
राज्य ब्यूरो , मुंबई। देश के सबसे संपन्न स्थानीय निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को भविष्यगामी विजन के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बीएमसी ने पहली बार 80,952.56 करोड़ रुपए का जादुई आंकड़ा पार कर एक नया इतिहास रच दिया है। बजट का बड़ा भाग देश की आर्थिक राजधानी के बुनियादी ढांचे पर खर्च किए जाने की योजना है।
पिछले वर्ष के 74,427 करोड़ रुपए के बजट की तुलना में इस बार लगभग 8.7% की वृद्धि की गई है। नगर आयुक्त भूषण गगरानी द्वारा प्रस्तुत इस बजट का मूल मंत्र \“आधुनिक मुंबई और सुदृढ़ बुनियादी ढांचा\“ नजर आता है। बजट का सबसे प्रभावी पहलू इसका \“पूंजीगत व्यय\“ है। कुल बजट का 59 प्रतिशत से अधिक हिस्सा यानी 48,164.28 करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए आवंटित किया गया है।
बीएमसी ने 80,952.56 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश किया
यह दर्शाता है कि प्रशासन का ध्यान केवल रखरखाव पर नहीं, बल्कि नई संपत्तियों के निर्माण पर केंद्रित है। शहर को गड्ढामुक्त करने के संकल्प के साथ सड़कों के कंक्रीटीकरण के लिए 5,520 करोड़ रुपए रखे गए हैं। कोस्टल रोड परियोजना (वर्सोवा-भायंदर लिंक) के लिए 4,000 करोड़ रुपए और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के लिए 2,650 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है, जिससे मुंबईकरों का सफर आसान होगा।
बीएमसी ने शिक्षा के क्षेत्र में 4,248.08 करोड़ रुपयों का प्रावधान कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसका लक्ष्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि प्रतिभा निखारना भी है। इस बार \“मिशन सफल\“ के जरिए स्कूली छात्रों को स्काउट-गाइड, एनसीसी और कौशल विकास से जोड़ा जाएगा। नगर निकाय के स्कूलों को अत्याधुनिक डिजिटल उपकरणों से लैस करने की योजना है ताकि निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा की जा सके।
सड़कों, तटीय सड़क और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया
मुंबई की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अग्निशमन विभाग के बजट को दोगुना कर 230.90 करोड़ कर दिया गया है। इसके साथ ही, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए तटीय सुरक्षा और जल निकासी (एसटीपी) परियोजनाओं के लिए 5,690 करोड़ रुपयों का भारी-भरकम निवेश प्रस्तावित है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि बजट का आकार बहुत बड़ा है, लेकिन असली चुनौती इसे समय सीमा के भीतर खर्च करने की होगी। प्रशासन ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए आय के नए स्रोतों पर भी ध्यान दिया है।  |