जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट में 2025 में हुए नई दिल्ली बार एसोसिएशन (एनडीबीए) चुनावों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने कहा कि चुनाव को चुनौती देने वाली विपिन कुमार शर्मा की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
अदालत ने कहा...
अदालत ने कहा कि एनडीबीए चुनावों से जुड़े मुद्दों पर फैसला करने के लिए एक सिविल मुकदमा या चुनाव याचिका सही होगी। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को सिविल वाद दायर करने की छूट दी और कहा कि अगर कोई वाद दायर किया जाता है, तो इस फैसले में की गई टिप्पणियां वाद की कार्यवाही को प्रभावित नहीं कर सकतीं।
प्राॅक्सिमिटी कार्ड के बिना लोग पोलिंग क्षेत्र में घुसे
अदालत ने कहा कि एनडीबीए चुनाव कोर्ट के सार्वजनिक कार्यों से संबंधित नहीं हैं और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार और रिटर्निंग आफिसर निजी व्यक्ति हैं। एनडीबीए चुनाव 21 मार्च 2025 को हुए थे और नतीजे 22 मार्च को घोषित किए गए थे। एनडीबीए चुनाव 2025 मतदाताओं के लिए दिशानिर्देश के अनुसार केवल प्राक्सिमिटी कार्ड धारकों को ही वोट डालने या पोलिंग क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति है।
हालांकि, चुनाव लड़ने वाले कुछ उम्मीदवारों ने चुनाव परिणामों को रद करने की याचिका के साथ हाईकोर्ट का रुख किया। इसमें आरोप लगाया गया था कि चुनावों के दौरान अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्राॅक्सिमिटी कार्ड के बिना लोग पोलिंग क्षेत्र में घुस गए और अपने उम्मीदवारों के लिए वोट डाले।
कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई
पीठ ने कहा कि रिकाॅर्ड पर ऐसा कुछ नहीं पेश किया गया, जिससे पता चले कि किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति ने बिना वैलिड प्राक्सिमिटी कार्ड के एनडीबीए चुनाव में वोट डाले गए या कोई फर्जी वोटिंग हुई। यह भी कहा कि प्राक्सिमिटी कार्ड को स्कैन करने के लिए इस्तेमाल की गई मशीनों में किसी भी खराबी के बारे में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी।
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