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जापान के ओसाका शहर को गुमनाम दाता ने दान किया 36 लाख डॉलर का सोना, पानी व्यवस्था में होगा सुधार

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जापान के ओसाका शहर को गुमनाम दाता ने दान किया 36 लाख डॉलर का सोना (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापान के शहर ओसाका को एक गुमनाम दाता ने 21 किलोग्राम सोने की ईंटें दान में दी हैं, जिनकी कीमत करीब 36 लाख डॉलर (लगभग 3.6 मिलियन डॉलर) बताई गई है। दाता ने साफ कहा है कि यह राशि सिर्फ पानी और जल-निकासी व्यवस्था को सुधारने में खर्च की जाए।

शहर प्रशासन के अनुसार यह सोना पिछले साल नवंबर में सौंपा गया था। आंतरिक जांच पूरी होने के बाद इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया। दान बिना किसी शर्त के दिया गया है और दाता ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की इच्छा जताई है।

शहर अब इस सोने को नकदी में बदलकर पानी से जुड़े जरूरी कामों में लगाएगा। ओसाका करीब 30 लाख लोगों को पानी और सीवर सेवाएं देता है। शहर का बड़ा हिस्सा पुरानी पाइपलाइन पर निर्भर है और खराबियां बढ़ती जा रही हैं।
जर्जर हो चुका है जल नेटवर्क

ओसाका के मेयर हिदेयुकी योकोयामा ने कहा कि इतना बड़ा दान शहर के इतिहास में पहले कभी नहीं मिला। उन्होंने कहा, “मैं सच में कुछ पल के लिए शब्दहीन हो गया था। पुरानी पानी की पाइपों की मरम्मत में बहुत ज्यादा पैसा लगता है। यह सहयोग बेहद सराहनीय है।“

मेयर ने भरोसा दिलाया कि दाता की गुमनामी पूरी तरह बनाए रखी जाएगी और सभी प्रक्रियाएं नगर और राष्ट्रीय नियमों के अनुसार होंगी। यह सोना ओसाका सिटी वॉटरवर्क्स ब्यूरो को सौंपा गया है। यही विभाग शहर में पीने के पानी, नालों और सीवेज ट्रीटमेंट का काम संभालता है।
कहां खर्च होगा पैसा

विभाग के मुताबिक पैसा उन इलाकों में लगाया जाएगा जहां खराबी का खतरा सबसे ज्यादा है। बार-बार जाम होने वाले नालों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही मुख्य सड़कों के नीचे मौजूद रिसाव वाली पाइपों की मरम्मत भी की जाएगी। जंग पकड़ने की समस्या का जल्दी पता लगाने के लिए जांच बढ़ाई जाएगी।

ओसाका का जल नेटवर्क दूसरे विश्व युद्ध के बाद तेजी से विकसित हुआ था। अधिकतर पाइप 1960 और 1970 के दशक में बिछाई गई थीं। पानी की पाइपों की कानूनी आयु 40 साल मानी जाती है, लेकिन बड़ी संख्या में पाइप इस सीमा से ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं।

साल 2024 में ही सार्वजनिक सड़कों के नीचे 90 से ज्यादा पाइप लीक दर्ज किए गए। हर घटना से यातायात और कारोबार प्रभावित होता है। आपातकालीन मरम्मत की लागत भी पहले से योजना बनाकर किए गए कामों से कहीं ज्यादा होती है।
दाता पहले भी कर चुका है मदद

अधिकारियों ने बताया कि यही दाता पहले भी पानी विभाग को 5 लाख येन नकद दे चुका है। इससे पता चलता है कि यह एक बार का नहीं, बल्कि लगातार सहयोग है। जापान में बुनियादी ढांचे के लिए इतनी बड़ी गुमनाम दान राशि मिलना बहुत दुर्लभ है। आमतौर पर ऐसे काम टैक्स और सरकारी अनुदान से ही होते हैं।

शहर प्रशासन अधिकृत माध्यमों से सोना बेचकर रकम को जल विभाग के बजट में डालेगा। खर्च की पूरी निगरानी होगी और परियोजनाओं की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

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