राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की द्वितीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने जनगणना की तैयारी का समयबद्ध निष्पादन, विभागीय समन्वय तथा डिजिटल साधनों के उपयोग व उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया।
जनगणना-2027 के प्रथम चरण अर्थात हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना का क्षेत्रीय कार्य मई-जून 2026 के दौरान कराया जाएगा। लगभग छह लाख कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। राज्य की सभी प्रशासनिक इकाइयां 31 दिसंबर, 2025 की स्थिति के अनुसार स्थिर (फ्रीज़) रहेंगी तथा एक जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक किसी भी प्रशासनिक इकाई में क्षेत्राधिकार संबंधी कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
जनगणना कार्मिकों के मानदेय से संबंधित निर्णय भी लिए
सामान्य प्रशासन को राज्य नोडल विभाग नामित किया गया है, जो राजस्व, गृह, शिक्षा, नगर विकास एवं पंचायती राज सहित सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय सुनिश्चित करेगा। पदाधिकारियों की नियुक्ति, तकनीकी सहायता, वित्तीय मानदंड एवं जनगणना कार्मिकों के मानदेय से संबंधित निर्णय भी लिए गए।
बुलंदशहर, बहराइच एवं प्रयागराज के चयनित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्री-टेस्ट-2027 (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस ) के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर फीडबैक के आधार पर कार्ययोजना बनी। निदेशक (जनगणना कार्य), शीतल वर्मा ने जनगणना की प्रक्रिया, समय-सीमा एवं जनगणना-2027 की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। जनगणना के द्वितीय चरण में जाति गणना की जाएगी।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, सचिव गृह मोहित गुप्ता, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन जुहैर बिन सगीर समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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