दुकानों में खुलेआम मिल रहा एसिड। फोटो जागरण
राजीव चौधरी, कटिहार। शहर के गली-मुहल्लों से लेकर बड़े बाजारों के दुकानों में मौत बिक रही है। इन दुकानों में खतरनाक एसिड खुलेआम बिक रहा है। जिसकी कीमत 20 रुपये से लेकर 60 रुपये तक है। 60 रुपये प्रति लीटर बिकने वाली एसिड की तीव्रता इतनी अधिक है कि ज़मीन पर गिरते ही धुएं के साथ बुलबुले उठने लगते हैं। धुंआ भी इतना तीखा कि लगता है कि नाक फट जाएगी।
कुछ देर इस धुएं में ठहर गए तो गले में जलन व खुसखुसी होने लगती है। बाथरूम क्लीनर के नाम पर शहर में बिना मानक और लोकल निर्मित एसिड खुलेआम हार्डवेयर, किराना दुकान, स्टेशनरी आदि की दुकानों में बिक रही है। रविवार को बहु व बेटा द्वारा मां और भाई पर एसिड से हमला की घटना और लगभग एक साल पहले विवाद में छत से एसिड का छिड़काव करने की घटना ने एसिड बिक्री को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
दैनिक जागरण की टीम ने सोमवार को विभिन्न मार्ग के बाजारों में एसिड बिक्री की पड़ताल की। इसमें बड़े ही चौकाने वाले तत्व उभरकर सामने आए। अन्य प्रोडेक्ट की तरह एसिड भी दुकानों की रैक पर सजी दिखी। एक दुकान में टीम ने एसिड मांगा तो दुकानदार ने पहले एक बोतल एसिड दिखाई। बोला गया कि इससे तेज एसिड है क्या। उसने तुरंत ढक्कन खोला और बोतल से थोड़ी एसिड ज़मीन पर गिराई।
ज़मीन पर धुंआ के साथ तेज बुलबुला उभर आया। दुकानदार ने कहा इससे भी तेज एसिड की जरूरत है क्या। टीम ने एसिड की बोतल खरीदी लेकिन दुकानदार ने ना तो पहचान पूछा और ना ही खरीदारी का उद्देश्य। बोतल खरीदने पर कोई बिल भी नहीं दिया। सामान्य सामान की तरह एसिड की बोतल थमा दी। ऐसा ही हाल बाजारों के अन्य दुकानों पर भी दिखा। एसिड की बिक्री को लेकर कहीं भी कोई निश्चित गाइडलाइन का अनुपालन नहीं किया जा रहा था।
लोकल एसिड की भरमार
बाजारों में लोकल स्तर पर निर्मित एसिड की भरमार दिखी। बोतल में कंपनी की बस एक साधारण स्टिकर और बच्चों से दूर रखें जैसी वैधानिक चेतावनी लिखी दिखी। लेकिन एसिड की सांद्रता आदि की कोई जानकारी नहीं लिखी दिखी। |
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